Edited By Himansh sharma, Updated: 15 Jul, 2026 04:13 PM

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक का बड़ा बयान सामने आया है।
दतिया (नवल यादव): मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक का बड़ा बयान सामने आया है। टिकट नहीं मिलने की पीड़ा पहली बार खुलकर सामने आई है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को टिकट न मिलने का बड़ा कारण बताया। वहीं, भाजपा नेताओं के लगातार संपर्क में होने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि आगे की राजनीतिक राह का फैसला वे अपने कार्यकर्ताओं की राय से करेंगे। उनके इस बयान ने दतिया की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
अवधेश नायक ने कहा कि उन्हें दतिया की जनता और मां पीतांबरा का आशीर्वाद प्राप्त है। उन्होंने बताया कि उपचुनाव के दौरान भाजपा और कांग्रेस, दोनों दलों के नेता और प्रत्याशी उनसे सौजन्य भेंट करने आ रहे हैं, जो दतिया की पुरानी परंपरा का हिस्सा है।
दिग्विजय सिंह द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के सवाल पर अवधेश नायक ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह उनके पिता समान हैं और वे उनका सम्मान करते हैं, लेकिन वर्ष 2023 में टिकट नहीं मिलने के पीछे सबसे बड़ी भूमिका उनकी रही थी। इस बार भी टिकट वितरण में उनका महत्वपूर्ण प्रभाव रहा। उन्होंने कहा कि माफी मांगना दिग्विजय सिंह का बड़प्पन है, लेकिन उन्हें यह अच्छा नहीं लगा।
भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर अवधेश नायक ने कहा कि लोग इसलिए ऐसी बातें कर रहे हैं क्योंकि वे कांग्रेस के नामांकन, रैली और चुनाव प्रचार से दूर रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि टिकट नहीं मिलने से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, उन्होंने स्वयं और राजेंद्र भारती ने भी काफी मेहनत की, लेकिन तीनों ही चुनावी मैदान से बाहर हो गए, जबकि जिन लोगों का पहले कोई नाम तक नहीं था, उन्हें टिकट मिल गया।
अवधेश नायक ने साफ किया कि फिलहाल उन्होंने किसी भी राजनीतिक दल में जाने का कोई फैसला नहीं किया है। वे लगातार अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से चर्चा कर रहे हैं। बसई अंचल सहित सभी साथियों से राय लेने के बाद ही आगे की राजनीतिक दिशा तय की जाएगी।
भाजपा नेताओं के संपर्क में होने के सवाल पर उन्होंने स्वीकार किया कि भाजपा के कई नेताओं के लगातार फोन आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि राकेश सिंह उनसे मिलने भी आए थे और अन्य नेताओं का भी संपर्क बना हुआ है। हालांकि उन्होंने दोहराया कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण उनके कार्यकर्ताओं की राय है और अंतिम फैसला उसी के आधार पर लिया जाएगा।
अवधेश नायक के इस बयान के बाद दतिया विधानसभा उपचुनाव की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि वे कांग्रेस में ही बने रहेंगे या फिर आने वाले दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेकर प्रदेश की सियासत को नया मोड़ देंगे।