Edited By Desh Raj, Updated: 12 Jul, 2026 11:14 PM

दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने प्रत्याशी घोषित होने के बाद चुनावी अभियान को पूरी ताकत से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए पार्टी ने जहां संगठन की एकजुटता का संदेश दिया,
दतिया(नवल यादव): दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने प्रत्याशी घोषित होने के बाद चुनावी अभियान को पूरी ताकत से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए पार्टी ने जहां संगठन की एकजुटता का संदेश दिया, वहीं टिकट वितरण के बाद पैदा हुए असंतोष को भी साधने की कोशिश की। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मंच पर भले ही नजर नहीं आए, लेकिन पूरे कार्यक्रम में उनके योगदान का बार-बार उल्लेख कर पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया कि उनके राजनीतिक कद और समर्थकों की अनदेखी नहीं की जाएगी।
दतिया के होटल रतन रॉयल में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन केवल शक्ति प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना गया। सम्मेलन के माध्यम से पार्टी ने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने, टिकट वितरण के बाद की नाराजगी को कम करने और चुनावी अभियान को नई गति देने का प्रयास किया।
सम्मेलन का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को लेकर रहा। वे मंच पर मौजूद नहीं थे, लेकिन लगभग सभी वक्ताओं ने उनके नेतृत्व, संगठन में योगदान और दतिया में कराए गए विकास कार्यों का उल्लेख किया। इससे यह संकेत देने की कोशिश की गई कि नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद पार्टी उनके प्रभाव और समर्थक वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है।
कार्यक्रम का दूसरा प्रमुख आकर्षण भाजपा में हुई घर वापसी रही। टिकट वितरण के दौरान नाराज होकर कांग्रेस का दामन थामने वाले कुछ कार्यकर्ताओं ने दोबारा भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इसे पार्टी ने संगठन की मजबूती और चुनाव से पहले मतभेदों को खत्म करने की दिशा में अहम कदम के रूप में प्रस्तुत किया।
सम्मेलन में नेताओं का फोकस संगठन की एकजुटता पर रहा। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि पार्टी सामूहिक नेतृत्व और संगठन की शक्ति से आगे बढ़ती है। वहीं प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को बूथ स्तर तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कार्यकर्ताओं से चुनावी मोर्चे पर पूरी ताकत लगाने की अपील की।
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अपने संबोधन में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को अपना अभिभावक बताते हुए संगठन और कार्यकर्ताओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उनके इस बयान को नरोत्तम समर्थकों तक भरोसे का संदेश पहुंचाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में भाजपा ने चुनावी अभियान की शुरुआत डैमेज कंट्रोल और एकजुटता के संदेश के साथ की है। हालांकि असली परीक्षा अब बूथ स्तर पर होगी, जहां यह तय होगा कि मंच पर दिखाई गई एकता मतदान तक कितनी मजबूती से कायम रहती है। ऐसे में दतिया उपचुनाव अब केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि भाजपा के नेतृत्व परिवर्तन और संगठनात्मक मजबूती की भी बड़ी परीक्षा बन गया है।