Edited By Himansh sharma, Updated: 10 Jul, 2026 10:23 PM

दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में गुना जिले की चांचौड़ा से भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीना ने वीडियो संदेश जारी कर पार्टी के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
ममता मीना ने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक भाजपा के प्रमुख नेताओं में रहे हैं और संगठन के लिए लगातार काम करते रहे। ऐसे नेता को चुनावी मैदान से बाहर रखना केवल एक सामान्य राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक भूमिका को सीमित करने जैसा कदम है। उन्होंने इसे एक बड़े नेता की "राजनीतिक हत्या" करार दिया।
पूर्व विधायक ने अपने बयान में कहा कि इससे पहले भी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को धीरे-धीरे सक्रिय राजनीति से दूर किया गया। उन्होंने वसुंधरा राजे, उमा भारती और यशोधरा राजे का उदाहरण देते हुए कहा कि अब उसी तरह की स्थिति डॉ. नरोत्तम मिश्रा के साथ भी दिखाई दे रही है।
ममता मीना ने आगे दावा किया कि यदि पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की लगातार उपेक्षा होती रही तो इसका असर संगठन की एकजुटता पर पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में भाजपा के भीतर मतभेद और बढ़ सकते हैं, जिससे राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं।
गौरतलब है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह पूर्व हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और दतिया उपचुनाव अब केवल चुनावी मुकाबला नहीं, बल्कि राजनीतिक चर्चा का बड़ा केंद्र बन गया है।