Edited By Himansh sharma, Updated: 09 Jul, 2026 07:27 PM

मध्यप्रदेश की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया।
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में गुरुवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें पार्टी का अंगवस्त्र पहनाकर भाजपा परिवार में स्वागत किया। राकेश सिंह यादव के इस फैसले को प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के लिए एक और महत्वपूर्ण झटका माना जा रहा है।
राकेश सिंह यादव लंबे समय से कांग्रेस संगठन का सक्रिय चेहरा रहे हैं और विशेष रूप से इंदौर संभाग की राजनीति में उनका प्रभाव माना जाता है। हाल ही में उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया था। उनके इस्तीफे के बाद से ही भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज थीं, जिन पर अब औपचारिक मुहर लग गई है।
दरअसल, इस्तीफा देते समय राकेश सिंह यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और संगठन प्रभारी हरीश चौधरी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उनका कहना था कि संगठन में संवाद और आंतरिक लोकतंत्र लगातार कमजोर हुआ है तथा निर्णय सीमित दायरे में लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि असहमति रखने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को उचित महत्व नहीं दिया जाता, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।
राकेश सिंह यादव ने अपने बयान में हरीश चौधरी पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित नेताओं की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे आरोपों और उसके बाद भाजपा में शामिल होने के घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है।
भाजपा में राकेश सिंह यादव की एंट्री ऐसे समय हुई है, जब मध्यप्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हैं और आने वाले चुनावों को लेकर दोनों प्रमुख दल अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का भाजपा में शामिल होना आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकता है।