Edited By meena, Updated: 31 May, 2026 09:06 PM

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर की गई कथित "दो टके का" टिप्पणी पर कांग्रेस ने तीखी...
भोपाल : मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर की गई कथित "दो टके का" टिप्पणी पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस बयान के बाद प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री के बयान को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि जीतू भाई आप बुरा मत मानना। मुख्यमंत्री ने आज सिद्द कर दिया कि पर्ची वाले मुख्यमंत्री से इसी तरह की शब्दावली की उम्मीद की जा सकती है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
वर्मा ने इसे "घटिया शब्दावली" बताते हुए कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अपमानजनक भाषा लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि वक्त का इंतजार करते हैं। वक्त जब आएगा तो खुद पता चल जाएगा कि कौन कितने टके का आदमी है ये हम सब मिलकर सिद्द कर देंगे।
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सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कांग्रेस इस तरह की भाषा का समर्थन नहीं करती और मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता और "वक्त सबका आता है", इसलिए नेताओं को संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
बता दें कि शाजापुर में सीएम मोहन यादव ने कहा कि जीतू पटवारी सरकार बनाने के लिए मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं। लेकिन कोई उन्हें बताए कि जो अपनी विधानसभा नहीं बचा पाए वो प्रदेश का अध्यक्ष अपने लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस का प्रत्याशी खड़ा नहीं कर पाया वो मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे है सरकार बनाने के... तुम्हारे जैसे 20 साल और जाए मध्य प्रदेश में तुम्हारी दाल गलने वाली नहीं है।