Edited By Himansh sharma, Updated: 25 May, 2026 07:54 PM

मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस में अंदरखाने राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
भोपाल। मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस में अंदरखाने राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी की एकमात्र संभावित सीट को बचाने और सही चेहरे के चयन को लेकर अब दिल्ली से लेकर भोपाल तक बैठकों, रणनीति और लॉबिंग का दौर शुरू हो चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के दोबारा राज्यसभा नहीं जाने के संकेतों ने पूरे समीकरण बदल दिए हैं और अब कई नए दावेदार मैदान में सक्रिय दिखाई देने लगे हैं।
इसी बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से हुई मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है। सूत्रों के अनुसार मुलाकात में राज्यसभा चुनाव की रणनीति, प्रदेश संगठन की स्थिति और आगे की राजनीतिक दिशा पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद कांग्रेस खेमे में नए राजनीतिक संकेत तलाशे जाने लगे हैं।
दिग्विजय सिंह के संभावित पीछे हटने के फैसले ने पार्टी के भीतर नई उम्मीदें और नई प्रतिस्पर्धा दोनों पैदा कर दी हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने नेतृत्व के सामने नए चेहरे को अवसर देने और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता देने की बात रखी है। इसके बाद वरिष्ठ नेताओं से लेकर युवा चेहरों तक टिकट की दावेदारी तेज हो गई है।
हालांकि कांग्रेस के सामने चुनौती सिर्फ उम्मीदवार चयन की नहीं बल्कि सीट सुरक्षित रखने की भी है। राज्यसभा की तीन सीटों के चुनाव में दो सीटें भाजपा के पक्ष में मानी जा रही हैं, जबकि कांग्रेस को अपनी एकमात्र सीट बचाने के लिए पूरी ताकत लगानी होगी। पार्टी को क्रॉस वोटिंग और आखिरी वक्त की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी सतर्क रहना पड़ रहा है।
दिल्ली में बढ़ती सक्रियता और लगातार हो रही मुलाकातों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि यह मुकाबला केवल राज्यसभा सीट का नहीं बल्कि मध्यप्रदेश कांग्रेस के भविष्य के राजनीतिक संदेश का भी माना जा रहा है। अब सबकी नजर पार्टी नेतृत्व के अगले फैसले पर टिक गई है।