Edited By Himansh sharma, Updated: 25 May, 2026 03:53 PM

छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों सत्ता से ज्यादा चर्चा एक वायरल ऑडियो की हो रही है
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों सत्ता से ज्यादा चर्चा एक वायरल ऑडियो की हो रही है। साय सरकार में संभावित फेरबदल की अटकलों के बीच भरतपुर–सोनहत की विधायक रेणुका सिंह को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आए दो कथित ऑडियो ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। ऑडियो में कथित तौर पर सरकार की कार्यशैली, संगठन की अंदरूनी स्थिति और भविष्य की राजनीति को लेकर तीखी बातें सुनाई दे रही हैं।
वायरल क्लिप में दावा किया जा रहा है कि सरकार ऊपर से संचालित हो रही है और प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर आने वाले समय में बदल सकती है। कथित बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की वापसी तक की बात कही गई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पहले ऑडियो के बाद दूसरा कथित ऑडियो भी सामने आ गया। दूसरे क्लिप में कथित तौर पर नाराजगी, राजनीतिक चुनौती और आर्थिक ताकत झोंकने जैसी बातें सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ये ऑडियो भाजपा संगठन से जुड़े रहे मनोज साहू की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए।
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि भी कम दिलचस्प नहीं है। हाल ही में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान जिला स्तर पर विधायक की कार्यशैली को लेकर सार्वजनिक शिकायत सामने आई थी। इसके बाद संगठन की ओर से नोटिस जारी हुआ और फिर कथित बातचीत का ऑडियो वायरल होने से मामला राजनीतिक गलियारों से निकलकर सार्वजनिक बहस का विषय बन गया।
विधायक रेणुका सिंह ने इन सभी ऑडियो को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें AI जनरेटेड, फर्जी और राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि उनकी छवि खराब करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया गया है और मामले की शिकायत पुलिस से कर फोरेंसिक जांच की मांग की गई है।
अब नजर जांच पर है - क्या वायरल ऑडियो असली हैं या डिजिटल दौर की नई राजनीतिक जंग का हथियार? फिलहाल जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन इतना तय है कि इस विवाद ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई बहस जरूर छेड़ दी है।