Edited By Himansh sharma, Updated: 14 May, 2026 03:02 PM

मध्यप्रदेश के बांकपुरा गांव में 219 बीघा जमीन विवाद को लेकर चल रहा मामला अब तेज राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का रूप ले चुका है।
ब्यावरा। मध्यप्रदेश के बांकपुरा गांव में 219 बीघा जमीन विवाद को लेकर चल रहा मामला अब तेज राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का रूप ले चुका है। बुधवार को आयोजित किसान महापंचायत में हजारों किसानों ने हिस्सा लिया, जहां मुद्दे को लेकर माहौल पूरी तरह गरमा गया।
मंत्री का बड़ा बयान, वीडियो वायरल
महापंचायत में पहुंचे भाजपा मंत्री नारायण सिंह पंवार ने किसानों की समस्याएं सुनते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा - “चाहे कितना भी बड़ा उद्योगपति आ जाए या मुख्यमंत्री भी क्यों न आ जाएं, अगर किसानों की जमीन जाएगी तो पहले मैं इस्तीफा दूंगा। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
किसानों का सख्त रुख
महापंचायत में मौजूद किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन किसी निजी कंपनी को नहीं देने देंगे। करीब 50 गांवों के किसानों की मौजूदगी में प्रस्ताव पारित किया गया कि जमीन का किसी भी हाल में अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा सीमांकन कर जमीन को कंपनी को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश बढ़ गया है। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
प्रशासन और कंपनी का पक्ष
वहीं दूसरी ओर प्रशासन और संबंधित कंपनी का कहना है कि 219 बीघा जमीन पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया के तहत खरीदी गई है। जिन किसानों के पास पट्टे थे, उन्होंने शासन से अनुमति लेकर जमीन बेची है।बताया गया कि जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण और सीमांकन सभी कानूनी प्रक्रिया के अनुसार हुए हैं। यहां सीएनजी पंप स्थापित किया जा चुका है और कुछ हिस्सों में नेपियर घास की खेती भी की जा रही है।
राजनीतिक माहौल गर्म
इस पूरे विवाद में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों का समर्थन किसानों को मिलने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सौंधिया ने भी किसानों के पक्ष में बयान देते हुए कहा कि किसी भी निजी कंपनी को एक इंच जमीन नहीं दी जाएगी। बांकपुरा का यह जमीन विवाद अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया, किसानों के अधिकार और राजनीतिक बयानबाजी के बीच एक बड़ा टकराव बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।