Edited By meena, Updated: 13 May, 2026 01:02 PM

सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। देश में सोने-चांदी की खरीद को हतोत्साहित करने और इस पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है...
डेस्क : सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। देश में सोने-चांदी की खरीद को हतोत्साहित करने और इस पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। सूत्रों ने बताया कि सोने और चांदी पर मूल सीमा शुल्क बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा पांच प्रतिशत कृषि उपकर भी लगाया गया है। इस प्रकार कुल शुल्क 15 प्रतिशत हो गया है।
पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतररष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ चुकी है। इस कारण कच्चे तेल और गैस के आयात सरकार को ज्यादा विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ रही है। सरकार दूसरे उत्पादों का आयात कम कर विदेशी मुद्रा की खपत कम करना चाह रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी। साथ ही उन्होंने लोगों से अनावश्यक विदेश यात्रा से बचने और जीवाश्म ईंधनों की खपत कम करने का भी आग्रह किया है। सरकार के कई मंत्री भी प्रधानमंत्री की अपील दोहरा चुके हैं।
सोने चांदी के आज भाव
सोने पर कस्टम ड्यूटी बढ़ते ही आज सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल आया है। MCX पर शुरुआती कारोबार में सोना 10,000 रुपये से अधिक उछला है जबकि चांदी की कीमत में 18,000 रुपये की तेजी आई है। 5 जून वाला सोना पिछले सत्र में 1,53,442 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज यह 1,54,851 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 10,002 रुपये की तेजी के साथ 1,63,444 रुपये पर पहुंच गया।
वहीं चांदी की कीमतों में उछाल आया है। 3 जुलाई को चांदी पिछले सत्र में 2,79,062 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी और आज यह 2,90,224 रुपये पर खुली। शुरुआती कारोबार में यह 18,540 रुपये यानी 6.64 फीसदी तेजी के साथ 2,97,602 रुपये पर पहुंच गई। 4 सितंबर की डिलीवरी वाली चांदी 18,657 रुपये की तेजी के साथ 3,032,50 रुपये पहुंच गई।
सोने पर शुल्क बढ़ाने से आयात नहीं घटेगा बल्कि कीमतें बढ़ेंगी: जीजेईपीसी
रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने बुधवार को कहा कि सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने से आयात पर अंकुश नहीं लगता बल्कि कीमतें बढ़ती हैं। परिषद ने स्थायी समाधान के लिए सरकार से उद्योग के हितधारकों के साथ बातचीत करने की अपील की है। जीजेईपीसी ने बयान में कहा, '' आयात शुल्क बढ़ाने से शायद ही कभी सोने का आयात घटता है। यह केवल कीमतें बढ़ाता है। हाल के समय में सोने की कीमतें दोगुनी होने के बावजूद आयात उसी अनुपात में नहीं घटा है।''
परिषद के अनुसार, उच्च शुल्क तस्करी को बढ़ावा देते हैं और निर्यात लागत बढ़ाते हैं। वहीं निर्यातकों को अब नामित एजेंसियों से शुल्क-मुक्त सोना लेने पर प्रति किलोग्राम 28-30 लाख रुपये की बैंक गारंटी देनी पड़ रही है जिससे कार्यशील पूंजी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बयान में कहा गया कि इसका सबसे गंभीर असर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) विनिर्माताओं पर पड़ेगा। परिषद में ऐसे 80 प्रतिशत सदस्य हैं जो ''गंभीर नकदी संकट'' का सामना कर रहे हैं। सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर बुधवार को 15 प्रतिशत कर दिया। प्लैटिनम पर कर 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप सोने/चांदी के डोरे, सिक्के, अन्य वस्तुएं आदि पर भी कर में बदलाव किए गए हैं।