जीतू पटवारी और कलेक्टर के बीच तीखी बहस! बोले- “DM साहब, ये अपमान हमेशा याद रखूंगा, Ken-Betwa Project पर MP में सियासत गरम

Edited By Vandana Khosla, Updated: 13 May, 2026 01:14 PM

a heated debate ensues between jitu patwari and the collector

छतरपुर (राजेश चौरसिया): कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को प्रशासनिक पाबंदियों के बीच केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावित ग्रामीणों को मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान जीतू पटवारी का छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल से फोन पर तीखा...

छतरपुर (राजेश चौरसिया): कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को प्रशासनिक पाबंदियों के बीच केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावित ग्रामीणों को मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान जीतू पटवारी का छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल से फोन पर तीखा विवाद हो गया। बातचीत के दौरान जीतू पटवारी ने कलेक्टर से नाराजगी जताते हुए कहा, “डीएम साहब, आपका ये अपमान हमेशा याद रखूंगा। जब तक आप नौकरी करोगे, तब तक आज का दिन याद रखूंगा।”

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फोन पर हुई इस बातचीत का कथित ऑडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ता इसे प्रशासन की संवेदनहीनता बता रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थक इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बता रहे हैं। बता दें कि केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर पहले से ही क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। विस्थापन, मुआवजा और पुनर्वास जैसे मुद्दों को लेकर ग्रामीण लगातार आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में जीतू पटवारी की यह टिप्पणी राजनीतिक माहौल को और गर्माने वाली मानी जा रही है।

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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जब वह प्रभावित आदिवासियों से मिलने जा रहे थे तब मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर उन्हें रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत दौधन बांध से विस्थापित आदिवासियों के मुआवजे को लेकर जारी ''चिता आंदोलन'' तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी कुछ दिन पहले गिरफ्तार किए गए अपने नेता अमित भटनागर की रिहाई की भी मांग कर रहे हैं।
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पटवारी मोटरसाइकिल से दौधन बांध पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अमित भटनागर की रिहाई और मांगें पूरी होने के आश्वासन पर वे आंदोलन समाप्त करने को तैयार हैं। पन्ना बाघ अभयारण्य के अतिरिक्त निदेशक देवेंद्र अहिरवार ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अनधिकृत प्रवेश को लेकर पटवारी और उनके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोर क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित है, इसलिए अवरोधक लगाए गए थे।
 

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