Edited By meena, Updated: 12 May, 2026 07:19 PM

अनुशासनहीनता में शिकंजा कसे जाने के बाद निशाने पर आए सिंधिया समर्थक कृष्णा घाड़गे आज मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश पदाधिकारियों से मुलाकात की...
भोपाल (इजहार खान) : अनुशासनहीनता में शिकंजा कसे जाने के बाद निशाने पर आए सिंधिया समर्थक कृष्णा घाड़गे आज मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश पदाधिकारियों से मुलाकात की। सोमवार देर रात भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सिंधिया समर्थक कृष्णा घाड़गे को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसी मामले में कृष्णा घागड़े पार्टी नेताओं से मिलने पहुंचे हैं।
सिंधिया समर्थक कृष्णा घागड़े के खिलाफ यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर की गई एक विवादित पोस्ट के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी।
प्रदेश कार्यालय प्रदेश पार्टी नेतृत्व चर्चा के बाद नेता कृष्ण घाडगे ने कहा है कि उनके द्वारा जो पोस्ट की गई थी वह बालक बुद्धि राहुल गांधी के लिए की गई थी कि जिस प्रकार से उन्होंने चुनाव में काम किया है जिससे कांग्रेस का असफलता मिली है। मेरे पोस्ट को तोड़ मरोड़ कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि मुझे पार्टी कार्यालय बुलाया गया था। अपनी बात रखी है। सारी चीज क्लियर हो गई। ज्योतिरादित्य सिंधिया और केपी यादव हमारे वरिष्ठ नेता है।
बता दें कि जिला भाजपा अध्यक्ष की ओर से कृष्णा घागड़े को जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया था कि पार्टी प्लेटफॉर्म या सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता और विरोधाभासी बयानबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। संगठन ने इसे पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए गंभीरता से लिया है।
दरअसल कृष्णा घाड़गे ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट में “बालक बुद्धि नेता” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। माना जा रहा है कि यह टिप्पणी गुना के पूर्व सांसद के.पी. यादव की ओर संकेत करते हुए की गई थी, जिन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराया था।