Edited By Vandana Khosla, Updated: 07 May, 2026 11:02 AM

भोपालः मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलने की तैयारी की है। आज यानी 7 मई को प्रदेशव्यापी चक्का जाम आंदोलन होगा। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन के तहत आगरा-मुंबई राजमार्ग पर...
भोपालः मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलने की तैयारी की है। आज यानी 7 मई को प्रदेशव्यापी चक्का जाम आंदोलन होगा। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन के तहत आगरा-मुंबई राजमार्ग पर विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया जाएगा। भोपाल संभाग के जिलों के कार्यकर्ता और किसान प्रतिनिधि शाजापुर में एकत्रित होकर चक्का जाम करेंगे। इसके अलावा कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और मार्गों को बंद करेंगे।
कांग्रेस पार्टी ने राज्य में कई जगहों पर हाईवे जाम करने की योजना बनाई है। इसका सबसे ज्यादा असर 747 किलोमीटर लंबे आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे-52 पर पड़ सकता है। पार्टी ने राज्य के 11 प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शन करने का फैसला किया है। इनमें शाजापुर का रोजवासा टोल प्लाज़ा, इंदौर का पिगडंबर, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना और धार जिले का खलघाट शामिल हैं। विरोध प्रदर्शनों के दौरान ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। ऐसे में कई जिलों में ट्रैफिक का रास्ता बदलने की तैयारियां की गई हैं। ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़ा।
यह विरोध प्रदर्शन इंदौर में शुरू होगा। जीतू पटवारी और हरीश चौधरी इंदौर के पिगडंबर में मौजूद रहेंगे। कांग्रेस पार्टी ने इस प्रदर्शन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जानकारी के मुताबिक यह आंदोलन पूरे राज्य में आयोजित किया जा रहा है। इस आंदोलन में PCC प्रमुख और प्रदेश प्रभारी भी उपस्थित रहेंगे। इसी के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं समेत किसान बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। पार्टी के अनुसार खरीदी के शुरुआती 14 दिनों में केवल 9.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी होना सरकार की तैयारी और प्रबंधन की कमी को दर्शाता है। किसानों को स्लॉट बुकिंग, पंजीयन पर्ची अपलोड, भुगतान में देरी और खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने कहा कि कई स्थानों पर पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे किसानों को कई दिनों तक परेशान होना पड़ रहा है। खरीदी में देरी के कारण किसानों को मजबूरी में कम दाम पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है।
कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों को समर्थन मूल्य 2625 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाए और जिन किसानों ने कम कीमत पर गेहूं बेचा है, उन्हें अंतर की राशि का भुगतान किया जाए। साथ ही मूंग खरीदी, सोयाबीन के समर्थन मूल्य और अन्य फसलों से जुड़े वादों पर भी सरकार से जवाब मांगा गया है।