Edited By Himansh sharma, Updated: 04 May, 2026 05:08 PM

मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया
इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया, जिसने मंच से लेकर मौजूद जनता तक सभी का ध्यान खींच लिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान न सिर्फ चर्चा में आ गया, बल्कि वहां मौजूद लोग भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके। मंच से संबोधित करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मैं घूम-फिरकर धार का ही प्रभारी मंत्री बन जाता हूं। पिछले 20 साल के मेरे राजनीतिक सफर में करीब 10 साल मैंने धार जिले की जिम्मेदारी संभाली है। उनके इस बयान को सुनते ही सभास्थल पर मौजूद लोग ठहाके लगाने लगे। माहौल हल्का-फुल्का हो गया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जाने लगे।
धार से पुराना रिश्ता, पुरानी यादें भी ताजा
मंत्री विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में आगे कहा कि धार जिले से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने बताया कि औद्योगिकीकरण के समय किसानों से जमीन अधिग्रहण को लेकर कई चुनौतियां आईं, लेकिन संवाद और सहमति के जरिए समाधान निकाला गया। उन्होंने कहा, हमने किसानों को उनकी मांग के अनुसार मुआवजा दिया, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। किसान हमारे अन्नदाता हैं, उनका हित सर्वोपरि है।”
कार्यक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा और तेज हो गई कि क्या मंत्री विजयवर्गीय इंदौर के प्रभारी मंत्री न बनने की बात को लेकर किसी तरह की नाराजगी या ‘दिल की बात’ मंच से जाहिर कर बैठे? हालांकि मंच पर दिया गया उनका बयान हल्के-फुल्के अंदाज में था, लेकिन इसके राजनीतिक अर्थ भी निकाले जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि वर्तमान में इंदौर का प्रभार मुख्यमंत्री के पास है, ऐसे में विजयवर्गीय का यह बयान अनायास ही चर्चा का केंद्र बन गया।
राजनीतिक गलियारों में गर्म हुई चर्चा
वर्तमान में कैलाश विजयवर्गीय सतना और धार जिले के प्रभारी मंत्री हैं। लेकिन इंदौर कार्यक्रम में दिया गया उनका यह बयान अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से वायरल हो रहा है। जहां एक ओर इसे उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव और जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे एक दिल की बात के तौर पर भी समझा जा रहा है। कार्यक्रम का पूरा माहौल जहां विकास योजनाओं के भूमिपूजन को लेकर था, वहीं विजयवर्गीय का यह हल्का-फुल्का बयान चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया।