Edited By Vandana Khosla, Updated: 02 May, 2026 12:21 PM

भोपालः आज यानी शनिवार सुबह 11 बजकर 47 मिनट पर हर फ़ोन में एक तरह की अलर्ट टोन ने लोगों को थोड़ा सोचने पर मजबूर कर दिया, कि आखिर ये अलर्ट किस तरह का है, और सरकार उन्हें किस खतरे से चेताना चाह रही है। तेज आवाज के साथ आए इस मैसेज ने कई लोगों को चौंका...
भोपालः आज यानी शनिवार सुबह 11 बजकर 47 मिनट पर हर फ़ोन में एक तरह की अलर्ट टोन ने लोगों को थोड़ा सोचने पर मजबूर कर दिया, कि आखिर ये अलर्ट किस तरह का है, और सरकार उन्हें किस खतरे से चेताना चाह रही है। तेज आवाज के साथ आए इस मैसेज ने कई लोगों को चौंका दिया और कुछ देर के लिए असमंजस की स्थिति भी बन गई। हालांकि, इस अलर्ट को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह कोई खतरे का संकेत नहीं, बल्कि एक परीक्षण (Test Alert) था।
दरअसल, केंद्र सरकार देशभर में एक नई Cell Broadcast Emergency Alert System को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इसी सिस्टम की जांच के लिए यह मैसेज भेजा गया था।
क्या है यह अलर्ट सिस्टम? यह एक आधुनिक तकनीक है, जिसके जरिए सरकार आपदा के समय सीधे लोगों के मोबाइल पर चेतावनी भेज सकती है। भूकंप, बाढ़, चक्रवात या किसी भी बड़ी आपात स्थिति में यह सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा, जिससे लोग समय रहते सतर्क हो सकें।
आज के अलर्ट में क्या खास था?
आज जो मैसेज आया, उसमें साफ लिखा था - “This is a test message. No action is required.” यानी यह केवल सिस्टम की टेस्टिंग थी और यूजर्स को किसी तरह की कार्रवाई करने की जरूरत नहीं थी।
हर किसी के फोन पर क्यों आया?
इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी एक ऐप या नंबर पर निर्भर नहीं करता। यह मोबाइल टावर के जरिए एक साथ लाखों लोगों तक मैसेज पहुंचा सकता है। इसलिए लगभग हर व्यक्ति के फोन पर यह अलर्ट दिखाई दिया।
आगे क्या होगा?
भविष्य में अगर कोई वास्तविक आपदा आती है, तो इसी तरह का अलर्ट फिर भेजा जाएगा। उस समय मैसेज में साफ निर्देश भी दिए जाएंगे, जैसे—कहां जाना है, क्या सावधानी रखनी है या किससे बचना है।
आज आया अलर्ट पूरी तरह सुरक्षित था और केवल एक ट्रायल का हिस्सा था। यह सरकार की उस तैयारी का संकेत है, जो आपदा के समय आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।