Edited By meena, Updated: 28 Apr, 2026 04:45 PM

दतिया की राजनीति में अब घमासान तय माना जा रहा है। आपको बता दें कि पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के...
दतिया/डबरा : दतिया की राजनीति में अब घमासान तय माना जा रहा है। आपको बता दें कि पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उनकी स्थिति और कमजोर हुई है। कोर्ट द्वारा सुनाई गई 3 साल की सजा के चलते उनकी विधानसभा सदस्यता शून्य घोषित कर दी गई है, जिसके बाद दतिया विधानसभा सीट अब रिक्त मानी जा रही है।
नियमों के मुताबिक, चुनाव आयोग को निर्धारित समय सीमा के भीतर उपचुनाव कराने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले एक-दो महीने के भीतर दतिया में उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सीट शून्य घोषित होने के बाद दतिया में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सभी प्रमुख दलों ने संभावित उपचुनाव को देखते हुए अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। अंदरखाने उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा तेज हो चुकी है और स्थानीय स्तर पर समीकरण साधे जा रहे हैं। अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह चुनावी मुकाबला किसके लिए फायदेमंद साबित होता है और किसके लिए चुनौतीपूर्ण। फिलहाल दतिया की सियासत में हलचल अपने चरम पर है और सभी की नजरें चुनाव आयोग के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।
29 जुलाई को होगी मामले की अगली सुनवाई
29 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई अब इस पूरे मामले में बेहद अहम मानी जा रही है, जिससे आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, दतिया में संभावित उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अंदरखाने उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा शुरू हो चुकी है और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कवायद जारी है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह चुनावी मुकाबला किसके लिए फायदेमंद साबित होता है और किसके लिए चुनौतीपूर्ण। फिलहाल दतिया की सियासत में घमासान के संकेत साफ नजर आ रहे हैं।