Edited By Desh Raj, Updated: 28 Apr, 2026 09:17 PM

देश में चल रहे विधानसभा चुनावों और पेट्रोल डीजल की कीमतों की बढ़ने की अफवाहों के बीच एक राहत भरा फैसला सामने आया है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर चल रही अटकलों के बीच सरकार ने फिलहाल राहत भरी खबर दी है।
(डेस्क): देश में चल रहे विधानसभा चुनावों और पेट्रोल डीजल की कीमतों की बढ़ने की अफवाहों के बीच एक राहत भरा फैसला सामने आया है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर चल रही अटकलों के बीच सरकार ने फिलहाल राहत भरी खबर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि अभी ईंधन की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने पर ध्यान दे रही है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की कोई योजना नहीं है। अफवाहों को खारिज करते हुए कहा गया कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है। लोगों से केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई, क्योंकि पैनिक बाइंग की स्थिति बनी।
सरकार के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में आम जनता पर बोझ न बढ़े, यह प्राथमिकता है। हालांकि, वैश्विक हालात को देखते हुए भविष्य में बदलाव से इनकार भी नहीं किया गया है। लेकिन अभी दामों को लेकर किसी तरह की बढौतरी न करने का विचार है।
युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आई है। युद्ध से पहले जहां इस रूट पर करीब 138 जहाज रोजाना चलते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर सिर्फ 67 रह गई है। यह गिरावट समुद्री ट्रैफिक में बड़ी कमी को दिखाती है और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पर इसका असर पड़ सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से हाल के दिनों में इस रूट से कोई भी भारतीय ध्वज वाला कंटेनर जहाज नहीं गुजरा है। इससे साफ है कि कंपनियां जोखिम से बचने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाश रही हैं। सरकार के अनुसार विदेशी जहाजों की आवाजाही से जुड़ा डेटा व्यावसायिक होता है, इसलिए इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता