Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Apr, 2026 01:00 PM

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी द्वारा निगम-मंडल और विभिन्न बोर्डों में की जा रही लगातार नियुक्तियों के बीच राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी द्वारा निगम-मंडल और विभिन्न बोर्डों में की जा रही लगातार नियुक्तियों के बीच राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है। संगठन द्वारा एक के बाद एक सूचियां जारी की जा रही हैं, लेकिन अब तक सिंधिया खेमे से जुड़े किसी भी बड़े चेहरे को जगह न मिलने से असंतोष और बेचैनी के संकेत स्पष्ट रूप से नजर आने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मंत्री और सिंधिया समर्थक इमरती देवी सहित कई ऐसे नाम हैं जिन पर पार्टी स्तर पर विचार-विमर्श जरूर चल रहा है, लेकिन अब तक किसी की भी औपचारिक नियुक्ति नहीं हो सकी है। इसी तरह मुन्नालाल गोयल, महेंद्र सिंह सिसोदिया जैसे नेताओं के नाम भी संभावित सूची में बताए जा रहे हैं, जो लंबे समय से संगठन और सरकार में हिस्सेदारी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
हालांकि भाजपा की ओर से लगातार मंडल और निगम स्तर पर नियुक्तियों का दौर जारी है, लेकिन सिंधिया समर्थक खेमे से अब तक किसी भी चेहरे को स्थान न मिलने से अंदरूनी स्तर पर असंतोष की स्थिति बनती दिख रही है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि क्या यह केवल प्रक्रिया की देरी है या फिर संतुलन साधने की रणनीति का हिस्सा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थकों को संगठन और सरकार में अपेक्षित स्थान दिला पाएंगे, या फिर उन्हें और इंतजार करना होगा। आने वाली सूचियां इस राजनीतिक समीकरण की दिशा तय कर सकती हैं।