Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Apr, 2026 04:55 PM

मध्य प्रदेश में निगम, मंडल और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला एक बार फिर तेज हो गया है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में निगम, मंडल और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला एक बार फिर तेज हो गया है। पहली सूची जारी होने के बाद अब कार्यकर्ताओं और नेताओं की निगाहें दूसरी सूची पर टिकी हुई हैं, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार की सूची में उन नेताओं को समायोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है, जो चुनावी हार के बावजूद संगठन और पार्टी के प्रति लगातार सक्रिय बने रहे हैं। खासकर सिंधिया खेमे से जुड़े नेताओं को लेकर राजनीतिक समीकरण तेजी से बनते-बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री और सिंधिया समर्थक इमरती देवी सहित कई ऐसे चेहरे हैं, जिनके नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। पार्टी इन नेताओं को संगठनात्मक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के आधार पर जिम्मेदारियां सौंप सकती है।
हालांकि, नियुक्तियों में देरी की एक बड़ी वजह बीजेपी के भीतर चल रहा आंतरिक संतुलन भी माना जा रहा है। अलग-अलग गुटों और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश के चलते सूची को अंतिम रूप देने में समय लग रहा है।
पार्टी सूत्रों का यह भी कहना है कि हारे हुए वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों को भी संगठन में समायोजित करने की रणनीति पर काम चल रहा है। ऐसे में उन्हें निगम-मंडल या आयोगों में अहम जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे उन्हें राजनीतिक रूप से सक्रिय बनाए रखा जा सके। फिलहाल, सभी की नजरें दूसरी सूची पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में जारी हो सकती है और इससे प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर में अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।