MP में निगम-मंडल नियुक्तियों की लिस्ट तैयार, दिग्गजों की वापसी के संकेत! दिल्ली तक पहुंचे नाम

Edited By Himansh sharma, Updated: 19 Apr, 2026 07:39 PM

mp board appointments list ready big leaders may return

मध्य प्रदेश में लंबे समय से प्रतीक्षित निगम-मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर हलचल एक बार फिर तेज हो गई है।

भोपाल: मध्य प्रदेश में लंबे समय से प्रतीक्षित निगम-मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। दिग्गज नेताओं से लेकर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं तक सभी की नजरें अब इस सूची पर टिकी हुई हैं, लेकिन फिलहाल इस पर अंतिम फैसला और कुछ समय के लिए टलता दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में संकेत दिए गए थे कि निगम-मंडल और प्राधिकरणों के अध्यक्षों की घोषणा अभी तुरंत नहीं की जाएगी। अब संभावना जताई जा रही है कि लगभग एक महीने बाद अध्यक्षों के साथ-साथ उपाध्यक्ष और सदस्यों की संयुक्त सूची जारी की जा सकती है।

भोपाल से दिल्ली तक पहुंची सूची

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इन राजनीतिक नियुक्तियों के लिए जिन नामों पर चर्चा हुई है, उन्हें अंतिम रूप देकर भोपाल से दिल्ली भेजा जा चुका है। दिल्ली स्तर पर भी कई नामों पर सहमति बनाने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि इस बार नियुक्तियों को लेकर रणनीति थोड़ी अलग दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि इस बार केवल अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि उपाध्यक्ष और 4 से 5 सदस्यों की नियुक्तियों को भी एक साथ जारी करने की योजना पर काम हो रहा है। चूंकि आयोग और प्राधिकरणों में सदस्यों की संख्या अधिक होती है, इसलिए पूरी सूची को संतुलित और व्यापक बनाने में समय लिया जा रहा है।

संगठनात्मक संतुलन पर फोकस

भाजपा नेतृत्व इस बार नियुक्तियों में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता देने की तैयारी में है। हेमंत खंडेलवाल भी अलग-अलग जिलों से संभावित नामों का फीडबैक जुटाने में सक्रिय बताए जा रहे हैं। पार्टी की रणनीति है कि अधिक से अधिक जिलों और अंचलों को प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि संगठनात्मक पकड़ और मजबूत हो सके।

चुनावी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा कदम

सूत्रों का यह भी कहना है कि जिन नेताओं को इस बार मौका मिल सकता है, उनमें वे चेहरे भी शामिल हो सकते हैं जो हालिया चुनावों में हार का सामना कर चुके हैं और फिलहाल सक्रिय भूमिका में नहीं हैं। पार्टी ऐसे नेताओं को नई जिम्मेदारी देकर संगठन में फिर से सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रही है।

कुल मिलाकर, निगम-मंडल की ये संभावित नियुक्तियां केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि आने वाले राजनीतिक समीकरणों को साधने की बड़ी कोशिश के रूप में देखी जा रही हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अंतिम सूची कब जारी होती है और किन चेहरों को संगठन में नई जिम्मेदारी मिलती है।

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