Edited By Himansh sharma, Updated: 05 Jul, 2026 03:31 PM

मध्यप्रदेश में एक बार फिर बड़े प्रशासनिक फेरबदल की आहट तेज हो गई है। सरकार 31 अगस्त से पहले वरिष्ठ नौकरशाही में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रही है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर बड़े प्रशासनिक फेरबदल की आहट तेज हो गई है। सरकार 31 अगस्त से पहले वरिष्ठ नौकरशाही में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार अपर मुख्य सचिव (ACS), प्रमुख सचिव (PS), सचिव, संभागायुक्त और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जुड़े करीब एक दर्जन वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकता ऐसे अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात करना है, जिनकी कार्यशैली तेज, परिणामोन्मुखी और प्रभावी मानी जाती है।
प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में भी नई टीम तैयार करने की कवायद चल रही है। कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है, जबकि कुछ को अन्य विभागों में भेजा जा सकता है। माना जा रहा है कि यह फेरबदल शासन की कार्यक्षमता बढ़ाने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
उज्जैन संभाग भी संभावित बदलावों का केंद्र बन सकता है। वर्तमान में आईएएस आशीष सिंह के पास संभागायुक्त के साथ-साथ सिंहस्थ मेला अधिकारी की जिम्मेदारी भी है। सरकार दोनों दायित्व अलग-अलग अधिकारियों को सौंपने पर विचार कर रही है। यदि यह निर्णय लागू होता है तो एक नए वरिष्ठ अधिकारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।
इधर इंदौर संभाग में भी बदलाव की चर्चा जोरों पर है। सूत्र बताते हैं कि वर्तमान संभागायुक्त सुदाम खाड़े को वापस भोपाल बुलाया जा सकता है। उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय या मुख्यमंत्री से जुड़े किसी अहम प्रशासनिक दायित्व की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वहीं इंदौर और उज्जैन दोनों स्थानों के लिए कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय में आलोक कुमार सिंह के बाहर जाने के बाद प्रशासनिक पुनर्गठन की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। फिलहाल कार्यालय का संचालन एसीएस नीरज मंडलोई के नेतृत्व में हो रहा है। इलैया राजा टी., विक्रम कौशलेंद्र सिंह, अरविंद कुमार दुबे, सुधीर कोचर, चंद्रशेखर वालिम्बे, अरुण परमार और संदीप केरकेट्टा जैसे अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी प्रशासनिक हलकों में लगातार चर्चाएं चल रही हैं।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राजस्व विभाग की बड़ी कार्रवाई
दूसरी ओर टीकमगढ़ जिले में राजस्व मामलों में लापरवाही पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद किसानों की जमीन के रिकॉर्ड में सुधार नहीं किए जाने के मामले में जतारा के एसडीएम संजय दुबे और चंदेरा के नायब तहसीलदार कसोरिया को निलंबित कर दिया गया है। प्रमुख सचिव राजस्व ने मामले की विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम गोटेट के किसानों ने आरोप लगाया था कि उनकी भूमि का राजस्व रिकॉर्ड गलत तरीके से दर्ज किया गया, लेकिन शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं हुआ। मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर न्यायालय ने प्रशासन से जवाब तलब किया। आदेशों के पालन में लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
प्रदेश में संभावित प्रशासनिक फेरबदल और राजस्व विभाग में हुई सख्त कार्रवाई को सरकार के सुशासन और जवाबदेही के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में नौकरशाही में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।