Edited By Himansh sharma, Updated: 28 Jun, 2026 11:14 AM

मध्य प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य पुलिस सेवा (SPS) के 65 डीएसपी स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं।
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य पुलिस सेवा (SPS) के 65 डीएसपी स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। गृह विभाग द्वारा शनिवार देर रात जारी आदेश में कई जिलों के पुलिस नेतृत्व में बदलाव किया गया है। ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और पीथमपुर के नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) बदले गए हैं, जबकि भोपाल और इंदौर में भी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
इस तबादला सूची का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बालाघाट रहा, जहां नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से हॉक फोर्स में 18 डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सहायक सेनानी के रूप में पदस्थ किया गया है। इसे राज्य सरकार की सुरक्षा रणनीति का अहम कदम माना जा रहा है।

इतना ही नहीं, बालाघाट जिले के विभिन्न अनुविभागों में भी प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। दीपक तोमर को एसडीओपी लांजी, चंद्रशेखर पांडे को एसडीओपी बैहर और अभिषेक गौतम को एसडीओपी परसवाड़ा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों से जिले में पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।

हॉक फोर्स में जिन अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिली है, उनमें उदित मिश्रा, अभिलाष कुमार भलावी, आकाश अमलकर, रवि सोनेर, उमेश प्रजापति, रितेश कुमार शिव, रविंद्र सिंह राठी, आयुष कुमार अलावा, सचिन पटेल, कुंदन मंडलोई, राहुल कुमार सय्याम, अक्षय चौधरी, अतुल कुमार सोनी, अमन मिश्रा, रोहित राठौर और राकेश आर्य सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस तबादला सूची को राज्य सरकार की व्यापक प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आगामी समय में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए ऐसे बदलावों का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।