Edited By meena, Updated: 24 Apr, 2026 05:53 PM

मध्य प्रदेश में चार आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों के बाद अब निगम-मंडलों की बहुप्रतीक्षित सूची जल्द जारी होने के संकेत मिल रहे हैं...
भोपाल : मध्य प्रदेश में चार आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों के बाद अब निगम-मंडलों की बहुप्रतीक्षित सूची जल्द जारी होने के संकेत मिल रहे हैं। लंबे समय से इंतजार कर रहे नेताओं के लिए यह खबर राहत देने वाली है। सूत्रों के मुताबिक कई दौर की बैठकों और मंथन के बाद तैयार की गई सूची को राष्ट्रीय नेतृत्व की मंजूरी मिल चुकी है। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाजपा पदाधिकारियों की बैठक में संकेत दिए थे कि निगम-मंडलों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां एक साथ की जाएंगी। इसी क्रम में हाल में जारी आदेशों में अध्यक्षों के साथ सदस्यों की नियुक्ति भी देखने को मिली है, जिससे यह स्पष्ट है कि प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। इसी बीच निगम मंडलों की सूची में शामिल संभावित नाम सामने आए हैं।
सूत्रों के अनुसार निगम-मंडलों और प्राधिकरणों की सूची में लगभग 30 से 32 नाम शामिल हो सकते हैं। जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनमें चेतन सिंह, विनोद गोटिया और संजय नगायच प्रमुख बताए जा रहे हैं। प्रवीण शर्मा, -शंशाक श्रीवास्तव, अखिलेष अयाची, दीपक सक्सेना। इनके अलावा पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिय, रामनिवास रावत, उमाशंकर गुप्ता, कमल पटेल, रामपाल सिंह, अचल सोनकर, इमरती देवी, ध्रुव नारायण सिंह, अभिलाष पांडे, आशीष शर्मा, अजय विश्नोई, शैलेंद्र जैन, प्रदीप लारिया इसके साथ ही अंचल सोनकर, संजय शुक्ला, अलकेश आर्य और कलसिंह भाबर के नाम भी चर्चा में बने हुए हैं।
इसके अलावा कहा जा रहा है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने वाले और संगठन में समायोजित न हो सके नेताओं को भी इस सूची से उम्मीदें हैं। कई वरिष्ठ विधायक, जो मंत्री पद की प्रतीक्षा में हैं, वे भी निगम-मंडलों में अवसर की आस लगाए हुए हैं।
बता दें कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग में नियुक्तियों की घोषणा भी हो चुकी है। पूर्व विधायक कैलाश जाटव को अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि रामलाल मालवीय और घारेलाल अहिरवार को सदस्य नियुक्त किया गया है। वहीं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के रूप में पूर्व विधायक रामलाल रौतेल को जिम्मेदारी दी गई है, जो पहले भी इस पद पर रह चुके हैं। आयोग में भगत नेताम और मंगल सिंह धुर्वे को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा राज्य महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग में भी नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है और जल्द ही इनके नामों की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अंतिम सूची कब जारी होती है और किन नेताओं को जिम्मेदारी मिलती है ये आने वाले समय में आधिकारिक घोषणा से तय होगा। निगम-मंडलों को लेकर सत्ता और संगठन के बीच लंबे समय से गहन चर्चा चल रही थी। बताया जा रहा है कि भाजपा के कोर ग्रुप की बैठकों में इस मुद्दे पर विस्तार से विचार किया गया, जिसके बाद करीब दो दर्जन नामों पर सहमति बनी। इन नामों को केंद्रीय नेतृत्व के पास भेजा गया था, जहां से हरी झंडी मिलने के बाद अब अंतिम सूची जारी होने का रास्ता साफ हो गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य नेतृत्व को अपने स्तर पर संतुलन बनाकर निर्णय लेने की छूट दी है, जिससे स्थानीय समीकरणों को साधना आसान हो सके।