MP में निगम मंडल नियुक्तियां शुरू! कार्यकर्ताओं में उत्साह, पहली लिस्ट ने ही दिखाया BJP का राजनीतिक संतुलन

Edited By Himansh sharma, Updated: 23 Apr, 2026 07:54 PM

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मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों का दौर अब तेज हो गया है।

भोपाल: मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों का दौर अब तेज हो गया है। लंबे इंतजार के बाद भाजपा संगठन ने बड़ी नियुक्तियों की शुरुआत कर दी है, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। पूर्व विधायक कैलाश जाटव को अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पूर्व विधायक रामलाल रौतेल को अनुसूचित जनजाति आयोग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों के साथ दोनों आयोगों में नई नेतृत्व व्यवस्था तैयार हो गई है।

अनुसूचित जाति आयोग में अध्यक्ष के साथ दो सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। इसमें रामलाल मालवीय और बारेलाल अहिरवार को सदस्य बनाया गया है। कैलाश जाटव पहले विधायक रह चुके हैं और संगठन में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वे अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जिससे उनके अनुभव को इस पद के लिए काफी अहम माना जा रहा है। गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ था और वे लंबे समय से सक्रिय राजनीति में जुड़े हुए हैं।

माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों से सामाजिक वर्गों से जुड़े मामलों की सुनवाई, योजनाओं की निगरानी और नीतिगत फैसलों में तेजी आएगी। स्थानीय स्तर पर भी इन नियुक्तियों को लेकर चर्चा तेज है और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

हालांकि भाजपा के लिए निगम-मंडलों और आयोगों में नाम तय करना इतना आसान नहीं माना जा रहा। पार्टी का संगठन प्रदेश में काफी बड़ा है और कई वर्षों से मध्यप्रदेश में भाजपा की ही सरकार होने के कारण वरिष्ठ नेताओं, पूर्व विधायकों, संगठन पदाधिकारियों और लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं की संख्या भी काफी अधिक है। ऐसे में हर नियुक्ति को लेकर संतुलन बनाना भाजपा संगठन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

यही वजह है कि भाजपा नेतृत्व हर फैसले को काफी सोच-समझकर ले रहा है, ताकि किसी भी कार्यकर्ता या नेता में नाराजगी की स्थिति न बने। संगठन की कोशिश है कि सभी वर्गों, क्षेत्रों और वरिष्ठ नेताओं को संतुलित प्रतिनिधित्व मिले, जिससे पार्टी के भीतर सामंजस्य बना रहे और आगामी राजनीतिक समीकरण भी मजबूत हों। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में निगम-मंडलों और अन्य आयोगों में भी कई बड़े नामों की घोषणा हो सकती है।

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