राजनीतिक नियुक्तियों की लिस्ट जारी होने से पहले ही घमासान! इस बड़े नेता के समर्थक का विरोध शुरु...

Edited By meena, Updated: 17 Apr, 2026 07:31 PM

uproar erupts even before the release of the list of political appointments sup

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार जल्द ही राजनीतिक नियुक्तियों का ऐलान कर सकती है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली से मंडल निगमों नियुक्तियों को हरी झंडी मिल चुकी है, अटकलें है कि जल्द ही सूची जारी हो सकती है...

इंदौर: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार जल्द ही राजनीतिक नियुक्तियों का ऐलान कर सकती है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली से मंडल निगमों नियुक्तियों को हरी झंडी मिल चुकी है, अटकलें है कि जल्द ही सूची जारी हो सकती है। जिसमें विकास प्राधिकरण (आइडीए) अध्यक्ष के लिए हरिनारायण यादव का लगभग तय माना जा रहा है। ये नाम आते ही सियासत गरमा गई है और विरोध भी शुरु हो चुका है। कहा जा रहा है कि विरोधी पक्ष ने आपत्ति दर्ज कराना शुरू कर दी है। आलम यह है कि भोपाल से दिल्ली तक सियासी हलचल तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि भारी विरोध को देखते हुए इस नाम को होल्ड किया जा सकता है।

सूची जारी होने से पहले ही विरोध शुरु...

मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अटकलें है कि मोहन यादव सरकार जल्द ही 40 से अधिक निगम-मंडलों और विभिन्न आयोगों में लगभग डेढ़ साल से लंबित राजनीतिक नियुक्तियां की जल्द ही सूची जारी कर सकती है। इसमें संगठन से समन्वय कर नाम निकाले जा रहे हैं। बड़े स्तर पर मंथन के बाद यह सूची तैयार की गई है। जिसमें इंदौर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष के लिए हरिनारायण यादव का नाम तय किया गया जो कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खास हैं। लेकिन नाम सामने आते ही इंदौर में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। कहा जा रहा है कि लगभग सभी विधायकों ने इंदौर से सुदर्शन गुप्ता के नाम पर अंतिम मुहर लगाई थी यहां तक कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी उनके नाम का समर्थन किया था। खास बात यह कि सुदर्शन गुप्ता ने कमलनाथ सरकार को गिराने के दौरान सिंधिया समर्थक विधायकों को बेंगलूरु ले जाने और संभालने की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके अलावा वे संगठन में भी काफी सक्रिय और अनुभवी नेता है। इंदौर में उनका खासा दबदबा है।

कमलेश, राजाव्रत और मुकेश का नाम भी था लिस्ट

हरिनारायण कैलाश विजयवर्गीय के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में इंदौर में विजयवर्गीय का एकतरफा कब्जा हो सकता है यही कारण है कि कई नेता घबरा गए हैं। इतना ही नहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जिला अध्यक्ष श्रवण चावड़ा और नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा भी विजयवर्गीय के खेमे से आते हैं। कुल मिलाकर कहा जा सकता है हर जगह एक ही पक्ष का कब्जा हो जाएगा। दूसरे पक्ष का कहना है कि उनकी सुनवाई लगभग बंद ही हो जाएगी। इंदौर से सुदर्शन के अलावा कमलेश और मुकेश का नाम भी भेजा गया था। इनके राजावत के लिए एबीवीपी ने राजावत का नाम का समर्थन किया था और सीएम से सिफारिश भी की थी। लेकिन हरिनारायण के नाम सामने आने के बाद विरोध के सुर तेज हो गए हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!