Edited By meena, Updated: 08 Apr, 2026 08:06 PM

मध्य प्रदेश में सहकारिता बैंकों को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक, सहकारी बैंकों के चुनाव से पहले ही राजनीतिक नियुक्तियां करने की तैयारी चल रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन...
भोपाल : मध्य प्रदेश में सहकारिता बैंकों को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक, सहकारी बैंकों के चुनाव से पहले ही राजनीतिक नियुक्तियां करने की तैयारी चल रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, जिसके बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने के संकेत मिले हैं।
बताया जा रहा है कि सहकारिता विभाग में लंबे समय से कई नियुक्तियां लंबित हैं, जिन्हें अब प्राथमिकता के साथ पूरा करने की योजना बनाई जा रही है। खासतौर पर अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संचालक मंडल के पदों पर नियुक्तियां की जा सकती हैं। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि इन नियुक्तियों के बाद ही सहकारिता चुनाव कराए जाएंगे।
राज्य सरकार सहकारिता ढांचे को मजबूत करने पर फोकस कर रही है, क्योंकि यह विभाग ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के लिए बेहद अहम भूमिका निभाता है। सहकारी संस्थाएं किसानों को ऋण, खाद-बीज और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती हैं।
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह की सहमति के बाद ही इन नियुक्तियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस बीच बीजेपी संगठन भी सक्रिय हो गया है। क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने भी इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के साथ चर्चा की है। वहीं फिलहाल निगम मंडलों की नियुक्तियों को टाल दिया गया है। अटकलें हैं कि 4 राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद ही निगम मंडल अध्यक्षों का चयन होगा।