Edited By Himansh sharma, Updated: 18 Mar, 2026 10:26 AM

सरकार इस बार संतुलन साधने के लिए विधायकों को भी बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। निगम-मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सरकार ने लगभग पूरी सूची तैयार कर ली है। खास बात यह है कि इस बार उन बड़े नेताओं को भी जगह मिलने की चर्चा है, जो पहले मंत्री पद की दौड़ में शामिल थे।
सूत्रों के मुताबिक सत्ता और संगठन दोनों स्तर पर कई दौर की बैठकों के बाद नामों पर सहमति बन चुकी है और दिल्ली हाईकमान से भी हरी झंडी मिल गई है। अब अगले 3-4 महीनों में ताबड़तोड़ नियुक्तियां देखने को मिल सकती हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
बड़े नाम चर्चा में:
पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य, अरविंद भदौरिया, उमाशंकर गुप्ता, कमल पटेल, इमरती देवी जैसे दिग्गजों के साथ रामनिवास रावत और विनोद गोटिया जैसे नाम भी रेस में बताए जा रहे हैं। वहीं संगठन में सक्रिय नेताओं को भी एडजस्ट करने की रणनीति बन रही है।
विधायकों को भी मौका:
सरकार इस बार संतुलन साधने के लिए विधायकों को भी बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। इसमें अजय बिश्नोई, अर्चना चिटनीस, शैलेंद्र जैन और प्रदीप लारिया जैसे नाम प्रमुख हैं।
मंत्रिमंडल फेरबदल के संकेत:
निगम-मंडल नियुक्तियों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चा भी तेज हो गई है। अगर फेरबदल होता है तो 4-5 मंत्रियों के बदलने की संभावना है, जिसमें नए चेहरों को मौका मिल सकता है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी MP की पकड़ मजबूत?
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम में भी मध्य प्रदेश के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। खासकर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। इसके अलावा कविता पाटीदार और गजेंद्र पटेल भी चर्चा में हैं।
निष्कर्ष:
MP में राजनीतिक नियुक्तियों की यह कवायद सिर्फ पद बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय के चुनावी और सत्ता संतुलन की बड़ी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।