2 साल बाद खत्म होगा BJP नेताओं का इंतजार,नए BJP अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद फिर हुई सूची तैयार,सिफारशी नाम कटे

Edited By Desh Raj, Updated: 07 Mar, 2026 11:30 PM

bjp leaders  wait will end after two years in mp

मध्य प्रदेश भाजपा करीब दो साल के इंतजार के बाद नेताओं की राजनीतिक नियुक्तियां करने जा रही है। कुर्सी के चाहवानों के लिए एक एक दिन काटना मुश्किल भरा हो रहा है वैसे निगम-मंडल-प्राधिकरणों में अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए सूची तैयारी हो गई...

(भोपाल): मध्य प्रदेश भाजपा करीब दो साल के इंतजार के बाद नेताओं की राजनीतिक नियुक्तियां करने जा रही है। कुर्सी के चाहवानों के लिए एक एक दिन काटना मुश्किल भरा हो रहा है वैसे निगम-मंडल-प्राधिकरणों में अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए सूची तैयारी हो गई है।अब आलाकमान तय करेगा की किसको अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी मिलेगी।

जानकारी के अनुसार, मोहन सरकार 15 मार्च के बाद सरकारी संस्थाओं में राजनीतिक नियुक्तियां शुरू कर सकती है। जानकारी के मुताबिक सूची से सिफारिशी नेताओं के नाम काट दिए गए हैं और काम करने वाले नेताओं को मौका देने की खबर सामने आ रही है।

नितिन नबीन की ताजपोशी के बाद निगम मंडल की सूची नए सिरे से की गई है तैयार

वहीं निगम-मंडल-प्राधिकरणों में  नियुक्तियों में नामों का फेरबदल हुआ है। जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर नितिन नबीन की ताजपोशी के बाद प्रदेश के निगम मंडल की सूची नए सिरे से तैयार की गई है।  इस सूची को लेकर सीएम मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की पार्टी अध्यक्ष नीतिन नबिन के  अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मंत्रणा हो चुकी है। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री और  दूसरे नेताओं ने भी सीएम और प्रदेशाध्यक्ष के साथ मंथन किया है।

अभी भाजपा राज्यसभा चुनाव में व्यस्त

गौर करने वाली बात है कि इन दिनों भाजपा राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में व्यस्त है। पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन खुद बिहार से राज्यसभा प्रत्याशी हैं। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार खुद भी राज्यसभा जाने के इच्छुक है। इसी दौरान बिहार में भी राजनीति का एक दूसरा दौर चलेगा। राज्यसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद भाजपा नेतृत्व मध्यप्रदेश की ओर ध्यान देगा।

लंबे समय से नियुक्तियों में हो रही देरी

गौर करने वाली बात है कि  लोकसभा चुनाव के बाद से ही इन नियुक्तियों को लेकर चर्चा हो  रही थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी नगरीय निकाय और दूसरे चुनावों को देखते हुए संगठनात्मक संतुलन बनाने के लिए पार्टी अब इस ओर गंभीरता  से काम कर रही है। उम्मीद है कि 15 मार्च के बाद ऐलान हो जाएगा और वैसे भी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल संकेत दे चुके हैं।

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