Edited By Desh Raj, Updated: 02 Mar, 2026 05:07 PM

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मध्य प्रदेश संगठन में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश भाजपा को नया संगठन महामंत्री मिल सकता है। संगठन महामंत्री को लेकर मंथन चल रहा है और केंद्रीय नेतृत्व इस पर अंतिम निर्णय लेने की तैयारी...
(भोपाल): भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मध्य प्रदेश संगठन में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश भाजपा को नया संगठन महामंत्री मिल सकता है। संगठन महामंत्री को लेकर मंथन चल रहा है और केंद्रीय नेतृत्व इस पर अंतिम निर्णय लेने की तैयारी में है। हितानंद शर्मा के बाद अब सबकी नजरें 13 और 14 मार्च को होने वाली केंद्रीय बैठक पर हैं । लेकिन इस बार रणनीति में RSS बदलाव कर सकता है इसी को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
संघ प्रचारक के बजाए अनुषांगिक संगठन के पदाधिकारी को मिल सकता है मौका
कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार संघ अपने किसी प्रचारक को भेजने के बजाए अनुषांगिक संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी को बीजेपी का संगठन महामंत्री बनाकर सबको चौंका सकता है। अगर ऐसा होता है को ये बदलाव संघ और भाजपा की संगठनात्मक परंपरा में एक बड़ा बदलाव माना जाएगा।
13 और 14 मार्च को होने वाली केंद्रीय बैठक में लग सकती है मुहर
बताया जा रहा है कि आगामी चुनावी रणनीति और संगठन को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया जा सकता है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की हालिया बैठकों में मध्य प्रदेश संगठन की समीक्षा की गई, जिसके बाद नए चेहरे को जिम्मेदारी देने की चर्चा तेज हो गई है।
राजनीतिक हलकों में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि संगठन महामंत्री का पद भाजपा में बेहद प्रभावशाली माना जाता है। यह पद संगठन और सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभाता है। गौर करने वाली बात है कि संघ इस साल अपने 100 साल पूरे करने जा रहा है और इस मौके पर संघ के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव के साथ ही और क्रियाशील बनाने पर मंथन चल रहा है। वैसे भी संघ की बैठकों को रणनीति को बहुत अहम माना जाता है क्योंकि कोई भी तैयारी संघ बैठकों में ही होती है, चाहे वो फिर राज्यों में चुनाव को लेकर हो या धरातल पर लोगों से कैसे जुड़ना हो।
लिहाजा प्रदेश सगंठन महामंत्री पर यह फैसला 13 और 14 मार्च को होने वाली केंद्रीय टोली की बैठक में हो सकता है। फिलहाल इस बार मौका किसी अनुषांगिक संगठन के किसी पदाधिकारी को मिल सकती है हालांकि, अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस संबंध में बड़ा फैसला सामने आ सकता है। प्रदेश की राजनीति में इस संभावित बदलाव को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।