Edited By Himansh sharma, Updated: 29 Mar, 2026 04:35 PM

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। 7 अप्रैल से 12 अप्रैल तक चलने वाले इस ‘मेगा मिशन’ के तहत प्रदेश के मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी सीधे गांवों और बस्तियों में पहुंचकर लोगों से संवाद करेंगे।
इस अभियान को ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य आम जनता से सीधा संपर्क बढ़ाना और उनकी समस्याओं को मौके पर ही समझना है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि इस दौरान संगठन का हर छोटा-बड़ा नेता फील्ड में सक्रिय नजर आएगा।
हर विधानसभा में 50 जगह सजेगी चौपाल
रणनीति के तहत प्रदेश की हर विधानसभा में करीब 50 प्रमुख गांवों और बस्तियों को चिन्हित किया गया है। यहां चौपाल, सम्मेलन और संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन बैठकों में किसानों, युवाओं और महिलाओं जैसे वर्गों पर विशेष फोकस रहेगा, ताकि हर वर्ग तक पार्टी की पहुंच मजबूत हो सके।
योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड और सीधा संवाद
अभियान के दौरान केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को लेकर भी व्यापक स्तर पर चर्चा होगी। चौपालों में लोगों को योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, साथ ही उनसे फीडबैक भी लिया जाएगा। इससे पार्टी को जमीनी हकीकत समझने और भविष्य की रणनीति तय करने में मदद मिलेगी।
स्वच्छता और सामाजिक संदेश पर भी जोर
सिर्फ राजनीतिक संवाद ही नहीं, बल्कि इस अभियान में सामाजिक सरोकारों को भी शामिल किया गया है। गांवों के सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाकर सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की जाएगी।
चुनावी तैयारी की झलक
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह अभियान सिर्फ जनसंपर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले चुनावों को देखते हुए संगठन को सक्रिय करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। इससे जहां कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आएगी, वहीं वोटर्स से सीधा कनेक्शन भी मजबूत होगा। कुल मिलाकर, बीजेपी का यह ‘मेगा मिशन’ प्रदेश की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है, क्योंकि इसमें संगठन का हर स्तर सीधे जनता के बीच नजर आएगा।