Edited By Desh Raj, Updated: 15 Mar, 2026 10:51 PM

सीएम मोहन यादव के मंत्रीमंडल के विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा के सूत्रों का कहना है कि नव सवंत्सर यानि हिंदू नववर्ष में प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार की सौगात मिल सकती है। मोहन कैबिनेट में कुछ नए चेहरे शामिल होने की पूरी उम्मीद है।
(भोपाल): सीएम मोहन यादव के मंत्रीमंडल के विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा के सूत्रों का कहना है कि नव सवंत्सर यानि हिंदू नववर्ष में प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार की सौगात मिल सकती है। मोहन कैबिनेट में कुछ नए चेहरे शामिल होने की पूरी उम्मीद है। मंत्रिमंडल में 3 से 4 नए मंत्रियों को मौका देने की तैयारी की जा रही है। इसी संभावना और आस को देखते हुए मंत्री पद के दावेदारों की सक्रियता और धड़कन बढ़ गई है। इन संभावितों में फिट होने के लिए जोर आजमाइश जारी है।
आपको बता दें कि फिलहाल 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल है, जिसमें 4 पद खाली चल रहे हैं । नई नियुक्तियों में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को मजबूत करने पर ध्यान देने की कोशिश की जा रही है। मंत्री पद के इंतजार में बैठे विधायकों को उम्मीद को पंख लगने लगे हैं। 3 से 4 विधायकों को किस्मत चमकने वाली है। हालांकि मंत्री पद के लिए मौजूदा मंत्रियों की परफार्मेन्स रिपार्ट भी विस्तार के समय प्रस्तुत की जा सकती है।
सीएम सहित ही कई मंत्री कर चुके हैं आलाकमान से मुलाकात
पिछले दिनों में सीएम मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल भी बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर चुके हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को उनके बयानों के लिए दिल्ली तलब किया था।
मंत्रियों की रिपोर्ट भी फेरबदल में निभा सकती है भूमिका
गौर करने वाली बात है कि मोहन यादव ने सीएम अपने के बाद दिसम्बर 25, 2023 को मंत्रिमंडल विस्तार किया था। मौजूदा समय में दो उप मुख्यमंत्रियों को मिला 20 कैबिनेट, 6 राज्यमंत्री स्वमंत्र प्रभार सहित 4 राज्य मंत्री है। यहां भी गौर करने वाली बात है कि पहली बार चुनाव जीते विधायकों को राज्यमंत्री बनाया गया था। अब इतने लंबे समय से कुछ सीनियर विधायकों को मौका नहीं मिला था।
अब चर्चा तेज है कि सीनियर विधायकों को मौका दिया जा सकता है। चर्चा इस बात की भी है कि कुछ सीनियर मंत्रियों को केन्द्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेवारी आने वाले दिनों में दी जा सकती है। इसके अलावा मंत्रियों के दो साल के कामकाज की भी रिपोर्ट तैयार करवाई गई है। परफार्मेन्स को देखते हुए कुछ मंत्रियों का पत्ता कट सकता है तो कइयों के प्रभार जिलों में बदलाव किया जा सकता है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि मंत्रीमंडल में कई पहलुओं को ध्यान में रखकर दावेदारों को स्थान मिलेगा। फिलहाल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर गुड़ी पड़वा और नव सवंत्सर की शुरुआत होगी। चर्चा है कि इस मौके पर ही नए मंत्रियों का ऐलान हो सकता है।