Edited By Vikas Tiwari, Updated: 14 Mar, 2026 08:11 PM

मध्य प्रदेश में ADPO भर्ती को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने सोशल मीडिया पर राज्य सरकार और Madhya Pradesh Public Service Commission पर निशाना साधते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं
भोपाल (इजहार हसन खान): मध्य प्रदेश में ADPO भर्ती को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने सोशल मीडिया पर राज्य सरकार और Madhya Pradesh Public Service Commission पर निशाना साधते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि 10 मार्च 2026 को जारी ADPO भर्ती अधिसूचना में पूरे प्रदेश के लिए केवल 17 पद घोषित किए गए हैं, जबकि राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में 26 अगस्त 2025 को प्रति न्यायालय एक अभियोजक के सिद्धांत पर 610 नए पदों को स्वीकृति दी जा चुकी है। सिंघार ने कहा कि पिछली ADPO भर्ती वर्ष 2021 में हुई थी और लगभग छह साल बाद आई इस भर्ती में भी इतनी सीमित संख्या युवाओं के लिए निराशाजनक है। वर्षों से तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए यह फैसला उनके सपनों और उम्मीदों पर ठंडा पानी डालने जैसा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस भर्ती प्रक्रिया में कई गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सामान्य तौर पर Madhya Pradesh Public Service Commission की परीक्षाओं में नोटिफिकेशन के साथ ही सिलेबस जारी किया जाता है, लेकिन इस भर्ती में अधिसूचना जारी होने के तीन महीने बाद भी सिलेबस घोषित नहीं किया गया है। सिंघार का कहना है कि आरटीआई के अनुसार प्रदेश में करीब 300 पद रिक्त बताए गए हैं, इसके बावजूद सिर्फ 17 पदों पर भर्ती निकालना युवाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार और Madhya Pradesh Public Service Commission तत्काल संज्ञान लेकर ADPO भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाएं, अभ्यर्थियों के लिए स्पष्ट सिलेबस जारी करें और पारदर्शी व समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करें। सिंघार ने कहा कि यह केवल एक भर्ती का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों, वर्षों की मेहनत और उनके भविष्य से जुड़ा सवाल है।