Edited By Himansh sharma, Updated: 12 Mar, 2026 12:29 PM

मध्य प्रदेश की सियासत में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है।
भोपाल: मध्य प्रदेश की सियासत में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। जून में खाली होने वाली तीन सीटों से पहले ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने सत्ताधारी Bharatiya Janata Party पर विधायकों की जोड़तोड़ करने का आरोप लगाया है, जिससे प्रदेश की राजनीति में नया तनाव पैदा हो गया है।
राज्यसभा चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
मध्य प्रदेश में 19 जून को राज्यसभा की तीन सीटें खाली होने वाली हैं। विधानसभा की मौजूदा संख्या को देखते हुए राजनीतिक समीकरण बताते हैं कि दो सीटें भाजपा और एक सीट Indian National Congress के खाते में जा सकती हैं। लेकिन अब कांग्रेस की इस एक सीट पर भी सस्पेंस खड़ा होता नजर आ रहा है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा किसी भी तरह तीसरी सीट हासिल करने के लिए राजनीतिक रणनीति बना रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि राज्यसभा सीट को लेकर सत्ता पक्ष हर तरह के प्रयास कर रहा है और ऐसे में कांग्रेस के लिए एक-एक विधायक का वोट बेहद अहम हो गया है।
विधायकों के गणित से बढ़ी कांग्रेस की चिंता
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए लगभग 58 वोटों की जरूरत पड़ती है।
भाजपा के पास करीब 164 विधायक हैं, जिससे वह दो सीटें आसानी से जीत सकती है।
कांग्रेस के पास वर्तमान में 65 विधायक हैं, लेकिन कुछ कारणों से यह संख्या घट सकती है।
बीना से कांग्रेस टिकट पर जीतने वाली विधायक निर्मला सप्रे भाजपा के करीब मानी जा रही हैं, जिससे कांग्रेस का आंकड़ा 64 तक सिमट सकता है। वहीं विजयपुर के विधायक मुकेश मल्होत्रा की सदस्यता से जुड़ा मामला अदालत में लंबित है। अगर अदालत का फैसला उनके खिलाफ जाता है तो कांग्रेस के विधायकों की संख्या और घट सकती है।
6 विधायकों से बदल सकता है पूरा खेल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कुछ विधायकों में क्रॉस वोटिंग होती है या कोई विधायक अनुपस्थित रहता है तो राज्यसभा का चुनाव बेहद रोचक हो सकता है। भाजपा के पास दो सीटें जीतने के बाद भी कुछ वोट बच सकते हैं, जिससे तीसरे उम्मीदवार को उतारने की संभावना पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
छोटे दलों का वोट भी बन सकता है निर्णायक
प्रदेश में Bharat Adivasi Party के विधायक Kamleshwar Dodiyar का वोट भी इस चुनाव में अहम माना जा रहा है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव में हर वोट की कीमत बढ़ गई है।कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले ही सियासी पारा चढ़ चुका है। अगर क्रॉस वोटिंग या विधायकों की संख्या में बदलाव हुआ तो इस बार का राज्यसभा चुनाव बेहद दिलचस्प और रोमांचक हो सकता है।