Edited By Desh Raj, Updated: 02 Mar, 2026 08:46 PM

मध्य प्रदेश का राजनीती में बीजेपी के दो मंत्री सुर्खियों में है। उनकी वजह से प्रदेश का राजनीति गरमाई हुई है। जी हां हम बात कर रहे हैं नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल की।
(भोपाल): मध्य प्रदेश का राजनीती में बीजेपी के दो मंत्री सुर्खियों में है। उनकी वजह से प्रदेश का राजनीति गरमाई हुई है। जी हां हम बात कर रहे हैं नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल की।
मध्य प्रदेश का विधानसभा बजट सत्र समाप्त होने के बाद 28 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव दिल्ली पहुंचे थे। मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यालय से कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री प्रहलाद पटेल को फोन जाता है और दोनों मंत्रियों को दिल्ली तलब किया जाता है। अमित शाह ने दोनों मंत्रियों से दिल्ली में काफी देर तक मुलाकात की और काफी मंथन किया गया।
कैलाश विजयवर्गीय बयानों से बीजेपी औऱ सरकार की हुई है किरकिरी
पिछले कुछ समय से कैलाश विजयवर्गीय के बयानों से पार्टी खूब सासंत में है, कैलाश के बयानों से जहां पार्टी के लिए मुश्किल हो रही है वहीं सरकार को भी जवाब देते नहीं बन रहा है। विधानसभा सत्र के दौरान कैलाश विजयवर्गीय के बयानें से पार्टी की जमकर किरकिरी हुई थी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनसे लंबी बात की है। माना जा रहा इस मुलाकात के दौरान कैलाश से उन सब मुद्दों के चर्चा ई है जिससे विवाद पैदा हुए हैं। कैलाश विजयवर्गीय को प्रहलाद पटेल को दिल्ली तलब करने पर मध्य प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है और इस मुलाकात के नतीजो पर भी कयास लगाए जा रहे हैं।
उमंग सिंघार को लेकर कैलाश ने औकात को लेकर दिया था बयान
विपक्ष ने भागीरथपुरा दूषित पानी कांड और अडानी को लेकर सरकार पर निशाना साधा था लेकिन कैलाश जवाब देते हुए मर्यादा लांघ गए थे। वो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पर तो औकात को लेकर बोल गए थे । जिससे भाषा की मर्यादा का गलत संदेष गया और सीएम मोहन को उनकी तरह से मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। अब यही सामने आ रहा है कि अमित शाह ने विधानसभा में हुई बयानबाजी को लेकर दोनों नेताओं को मुलाकात के लिए दिल्ली बुलाया था।