निर्मला सप्रे की सदस्यता पर विधानसभा अध्यक्ष की सुनवाई, उमंग सिंघार बोले- चुनाव से बच रही भाजपा

Edited By meena, Updated: 10 Feb, 2026 08:54 PM

assembly speaker s hearing on nirmala sapre s membership

मध्य प्रदेश की बीना विधानसभा सीट से विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता को लेकर मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सुनवाई की। यह बैठक अध्यक्ष के केबिन में हुई, जिसमें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार..

भोपाल : मध्य प्रदेश की बीना विधानसभा सीट से विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता को लेकर मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सुनवाई की। यह बैठक अध्यक्ष के केबिन में हुई, जिसमें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार उपस्थित रहे। सुनवाई के दौरान सिंघार ने मामले से जुड़े सबूत स्पीकर को सौंपे।

“बीजेपी उपचुनाव से बच रही है”

सुनवाई के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सागर जिले की बीना सीट पर चुनाव कराने से बच रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को पता है कि यदि उपचुनाव होते हैं तो इस सीट पर कांग्रेस की जीत तय है।

8 से 15 दिन में फैसले की उम्मीद

उमंग सिंघार ने कहा कि निर्मला सप्रे के मामले में कांग्रेस ने अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखा है। उन्हें उम्मीद है कि 8 से 15 दिनों के भीतर विधानसभा अध्यक्ष इस मामले में फैसला लेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्मला सप्रे भारतीय जनता पार्टी के मंच पर शपथ लेती नजर आई हैं, जो दलबदल कानून का उल्लंघन है।

सभी पक्षों को सुनना अध्यक्ष का दायित्व

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि इस सुनवाई के लिए निर्मला सप्रे को भी बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को सुनना विधानसभा अध्यक्ष का संवैधानिक दायित्व है और उन्हें उम्मीद है कि अध्यक्ष जल्द निर्णय लेंगे।

दलबदल का आरोप, सुप्रीम कोर्ट का आदेश

गौरतलब है कि निर्मला सप्रे पर दलबदल करने का आरोप है। कांग्रेस का दावा है कि वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो चुकी हैं। इस संबंध में उमंग सिंघार ने उनकी सदस्यता रद्द करने की शिकायत की है और मामला अदालत तक पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण में 90 दिनों के भीतर फैसला लेने का आदेश दिया है।

बीना सीट से कांग्रेस विधायक हैं निर्मला सप्रे

निर्मला सप्रे सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने वर्ष 2023 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान वे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ मंच साझा करती नजर आई थीं, जिसके बाद यह विवाद खड़ा हुआ।

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