बहुत काम की खबर, हड़ताल पर जा रहे हैं बैंक कर्मचारी, निपटा लें जरुरी काम, सामान्य जीवन होगा प्रभावित

Edited By Desh Raj, Updated: 11 Feb, 2026 03:14 PM

very useful news bank employees are going on strike

केंद्र सरकार की श्रमिक नीतियों के विरोध में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। बैंकिग कर्मचारियों की हड़ताल से बैंकिंग के साथ ही और रोजमर्रा की चीजों में काफी काम प्रभावित हो सकते हैं। Bank Strike- दरअसल केंद्र सरकार की श्रमिक नीतियों के विरोध में...

(इंदौर): केंद्र सरकार की श्रमिक नीतियों के विरोध में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। बैंकिग कर्मचारियों की हड़ताल से बैंकिंग के साथ ही और रोजमर्रा की चीजों में काफी काम प्रभावित हो सकते हैं। Bank Strike- दरअसल केंद्र सरकार की श्रमिक नीतियों के विरोध में गुरुवार यानी कल से बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। ऐसे में बैंकिंग के साथ-साथ बीमा सेवाएं भी प्रभावित होंगी। केंद्र सरकार की श्रमिक नीतियों के विरोध में बैंककर्मियों ने मोर्चा खोल दिया है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन और बेफी समेत विभिन्न बैंक यूनियनों द्वारा इस हड़ताल का आह्वान किया है।

केंद्र सरकार की नई श्रमिक नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन

वहीं बैंककर्मियों की हडताल को लेकर मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के चेयरमैन मोहन कृष्ण शुक्ला का बयान भी सामने आया है। उन्होंने  कहा कि कल सुबह 10 बजे इंदौर के गांधी हाल के अभिनव कला समाज में आमसभा का आय़ोजन होगा।  उन्होंने कहा है कि  कर्मचारियों के खिलाफ नीतियां का विरोध किया जाएगा । केंद्र सरकार की नई श्रमिक नीतियों (Labour Codes) के विरोध में AIBEA, AIBOA, और BEFI जैसे प्रमुख यूनियनों ने 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया है।

एलआईसी, जीआईसी जैसी बीमा क्षेत्र की यूनियनों ने भी किया हड़ताल समर्थन

सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के अलावा एलआईसी, जीआईसी जैसी बीमा क्षेत्र की यूनियनों ने भी हड़ताल का समर्थन किया है। जाहिर सी बात है कि बैंककर्मियों की इस हड़ताल से काफी मुश्किलें होने वाली है।  इस हड़ताल के कारण गुरुवार को बैंकिंग और बीमा सेवाएं प्रभावित रहेंगी। देशव्यापी इस हड़ताल में हजारों बैंककर्मी शामिल होंगे।

बैंक कर्मियों का कहना है कि चार श्रम संहिताओं में बदलाव किया गया है, जो कर्मचारी विरोधी नीतियां हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा संस्थानों के निजीकरण, कर्मचारियों की कमी, आउटसोर्सिंग, पुरानी पेंशन योजना की समाप्ति और बढ़ते सेवा शुल्क से न केवल कर्मचारी बल्कि आम जनता भी प्रभावित हो रही है। इसलिए इसके खिलाफ हल्ला बोला जाएगा।

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