Edited By Desh sharma, Updated: 30 Jan, 2026 06:47 PM

मध्य प्रदेश में ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण को लेकर लंबे समय से घमासान मचा हुआ है। जहां कांग्रेस लगातार बीजेपी पर इसको लेकर सवाल उठा रही है वही इसको लेकर सियायी हवा भी गरमाती जा रही है।
(भोपाल): मध्य प्रदेश में ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण को लेकर लंबे समय से घमासान मचा हुआ है। जहां कांग्रेस लगातार बीजेपी पर इसको लेकर सवाल उठा रही है वही इसको लेकर सियायी हवा भी गरमाती जा रही है। वहीं अब 27 फीसदी आरक्षण को लेकर ओबीसी महासभा का सब्र भी टूट रहा है और वो आंदोलन की राह अपनाने की दिशा में बढ़ रही है।
टूट रहा ओबीसी महासभा का सब्र
दरअसल एमपी में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई फिर से टल गई है जिसको लेकर ओबीसी महासभा का सब्र भी टूट रहा है। इस मामले में हो रहे लगातार विलंब को लेकर ओबीसी महासभा आर-पार की लड़ाई लड़ने की मूड में है। ओबीसी महासभा आंदोलन की राह पर चलने की तैयारी कर रही है। इसी मामले को लेकर महासभा ने बैठक भी की जिसमें बार-बार सुनवाई टलने को लेकर चर्चा की।अब इस मामले को निर्णायक बनाने के लिए आंदोलन की रणनीति को लेकर चर्चा हुई है।
दरअसल इस मामले को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत में वीरवार को सुनवाई थी, लेकिन यह सुनवाई टल गई और ओबीसी महासभा गुस्सा हो गई। महासभा ने कहा है कि अब केवल अदालत की तारीखों का इंतजार नहीं होगा। जल्द कोई फैसला नहीं आता है तो आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
सरकार पर पक्ष को ठोस तरीके से नहीं रखने का आरोप
इस मुद्दे पर बोलते हुए महासभा याचिकाकर्ता व ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य ने कहा है कि राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस पक्ष नहीं रखा गया है। लगातार देरी से ओबीसी समाज में आक्रोश पनप रहा है। अब आंदोलन जरुरी हो गया है। अब हक की लड़ाई के लिए जल्द ही आंदोलन का ऐलान किया जाएगा।