MP News: 1.28 लाख महिलाओं और हजारों बच्चों को मिली मदद, MP का हेल्पलाइन सिस्टम बना सहारा

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 14 Mar, 2026 07:02 PM

mp strengthens women and child safety with integrated helplines 181

मध्य प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर राज्य सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए तकनीक आधारित सहायता तंत्र को मजबूत...

भोपाल: मध्य प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर राज्य सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए तकनीक आधारित सहायता तंत्र को मजबूत किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है जब महिलाओं और बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर मिलें। राज्य सरकार महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, उनकी सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिलाओं और बालिकाओं के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं, नवाचारों और तकनीक आधारित सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी दिशा में भारत सरकार की ‘वन नेशन, वन हेल्पलाइन’ पहल के अनुरूप महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को Emergency Response Support System (ERSS‑112) से एकीकृत करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग का राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम 31 अगस्त 2023 को स्थापित किया गया। इस एकीकृत व्यवस्था के तहत अब प्रदेश की कोई भी महिला, 18 वर्ष से कम आयु का बच्चा या उनकी ओर से कोई भी व्यक्ति सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे 181, 1098 या 112 पर टोल-फ्री कॉल कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकता है।

महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से हिंसा से प्रभावित महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह सेवा प्रदेश के सभी वन स्टॉप सेंटर से जुड़ी हुई है, जिससे पीड़ित महिलाओं को एक ही मंच पर पुलिस, अस्पताल, एम्बुलेंस, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच मिलती है। हेल्पलाइन के जरिए प्रशिक्षित परामर्शदाताओं द्वारा भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सहयोग भी दिया जाता है। आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 29 जनवरी 2026 तक लगभग 1.28 लाख महिलाओं को महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से सहायता प्रदान की जा चुकी है।

वहीं बच्चों की सुरक्षा के लिए संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को भी ERSS-112 से जोड़ा गया है। इस हेल्पलाइन पर प्राप्त कॉल्स को उनकी प्रकृति के अनुसार वर्गीकृत कर आपात स्थिति में तुरंत संबंधित एजेंसियों और जिला बाल संरक्षण इकाइयों तक भेजा जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 29 जनवरी 2026 तक चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से 26,974 बच्चों को संरक्षण, परामर्श, पुनर्वास और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। राज्य सरकार का कहना है कि तकनीक आधारित यह व्यवस्था संकट की घड़ी में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!