Edited By Desh Raj, Updated: 12 Mar, 2026 12:13 AM

कुछ समय से मध्य प्रदेश में प्रशासनिक बदलाव की तैयारी की बात हो रही है। अब इसकी तैयारी और तेज हो गई है। होली के बाद रंगपंचमी का त्योहार भी बीत चुका है। मंत्रालय के गलियारों में प्रशासनिक सर्जरी की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
(भोपाल):कुछ समय से मध्य प्रदेश में प्रशासनिक बदलाव की तैयारी की बात हो रही है। अब इसकी तैयारी और तेज हो गई है। होली के बाद रंगपंचमी का त्योहार भी बीत चुका है। मंत्रालय के गलियारों में प्रशासनिक सर्जरी की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। अगले सप्ताह लिस्ट जारी होने की उम्मीद है। इसमें दर्जन भर जिलों के कलेक्टर यहां से वहां होने की उम्मीद है। भोपाल कलेक्टर से भोपाल संभाग के आयुक्त पर सबकी नजर है। निगम-मंडल और प्राधिकरण के एमडी तथा सीईओ के साथ मंत्रालय स्तर पर प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव के प्रभारों में बदलाव होना संभव है।
वैसे भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह का प्रमोशन हो चुका है। लिहाजा उनका बदला जाना तय है। वर्ष 2010 बैच के कलेक्टर सिंह को किसी संभाग का आयुक्त बनाया जा सकता है। नई तबादला सूची जल्द ही जारी होने की संभावना है। इस फेरबदल में कुछ कलेक्टरों को मंत्रालय में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि कुछ अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिलों की कमान सौंपी जा सकती है। धार जिले में बसंत पंचमी के दौरान भोजशाला विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने वाले युवा आईएएस अधिकारी Priyank Mishra का भोपाल कलेक्टर बनने का नाम चर्चा में है।
धार के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को जिले की कमान संभाले तीन साल से ज्यादा समय हो गया है। उनके परफॉर्मेंस को देखते हुए बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं ग्वालियर और जबलपुर जिलों की कमान महिला आईएएस संभाल चुकी हैं। अब इंदौर और भोपाल जिलों को लेकर संभावनाएं बन रही हैं।
वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में भी प्रशासनिक बदलाव की संभावना है। अभी CMO में Alok Kumar Singh और Ilaiyaraaja T सचिव के रूप में जिम्मेवारी संभाल रहे हैं। बताया जा रहा है कि CMO को एक और सचिव मिल सकता है, जबकि कुछ अतिरिक्त सचिवों में भी फेरबदल किया जा सकता है। लिहाजा रंगपंचमी के बीतने के साथ ही प्रशासनिक बदलाव का काउंटडाउन शुरु हो चुका है।