Edited By Vikas Tiwari, Updated: 17 Mar, 2026 07:54 PM

प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और इसे जल जीवन मिशन 2.0 के रूप में लागू करने को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत ग्रामीण पेयजल आपूर्ति को मजबूत करते हुए...
भोपाल: प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और इसे जल जीवन मिशन 2.0 के रूप में लागू करने को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत ग्रामीण पेयजल आपूर्ति को मजबूत करते हुए एक टिकाऊ, पारदर्शी और सेवा-आधारित प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
इस मिशन के लिए कुल व्यय बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 3.59 लाख करोड़ रुपये होगी। मध्यप्रदेश सरकार ने भी इस योजना के तहत केंद्र के जल शक्ति मंत्रालय के साथ एमओयू साइन किया है। इस समझौते के तहत पाइपलाइन बिछाने से लेकर संपूर्ण पेयजल अधोसंरचना विकसित की जाएगी, जिससे हर ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ जल पहुंचाया जा सके।
इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री C. R. Patil, राज्य मंत्री V. Somanna और मध्यप्रदेश की ओर से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री Sampatiya Uikey सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नल-जल योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन किया जा रहा है और समय-सीमा में इन्हें पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश में ‘हर घर जल’ अभियान के तहत ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से जल आपूर्ति, जल संरक्षण और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही ‘जल अर्पण’ और ‘जल महोत्सव’ जैसे अभियानों के जरिए जनजागरूकता भी बढ़ाई जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर 2028 तक हर ग्रामीण परिवार को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाए, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार और जल सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।