Edited By Vikas Tiwari, Updated: 22 Mar, 2026 08:05 PM

मध्य प्रदेश के लहार से बीजेपी विधायक अमरीश शर्मा अपनी ही सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। विधायक सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ अनुसूचित जाति समाज के लोगों के आम रास्ते पर हुए कथित अवैध कब्जे को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे...
भिंड: मध्य प्रदेश के लहार से बीजेपी विधायक अमरीश शर्मा अपनी ही सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। विधायक सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ अनुसूचित जाति समाज के लोगों के आम रास्ते पर हुए कथित अवैध कब्जे को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
विधायक का कहना है कि उन्हें जनता दरबार के दौरान जानकारी मिली कि पिछले दो वर्षों से अनुसूचित जाति के लोग इस रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला। इसी के समर्थन में वे खुद धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी लोगों की समस्याएं सुनते तो हैं, लेकिन उन्हें उच्च स्तर तक नहीं पहुंचाते, जिससे समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। विधायक ने यह भी दावा किया कि इस मामले में ग्वालियर हाईकोर्ट द्वारा पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह को कोई स्टे नहीं दिया गया है, इसके बावजूद अवैध कब्जा नहीं हटाया जा रहा। विधायक ने बिजली विभाग पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि लहार क्षेत्र के कई गांवों की बिजली काट दी गई है और रेत खदानों को बंद कर दिया गया है, जिससे आम लोग परेशान हैं।
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे पिछले 35 साल से एक “राक्षस” से लड़ते आ रहे हैं और अधिकारी उनके सामने कुछ भी नहीं हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि “फूंक दिया तो पाकिस्तान जाकर गिरोगे”, जिससे बयान को लेकर सियासी माहौल और गरमा गया है। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि उनके धैर्य को कमजोरी न समझें। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से अपील करते हुए कहा कि वे पार्टी के सिपाही हैं, लेकिन अब अत्याचार सहने की सीमा खत्म हो चुकी है। फिलहाल, इस धरने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और मामले ने तूल पकड़ लिया है।