Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Apr, 2026 11:53 AM

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर घिर गए हैं।
शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर घिर गए हैं। करैरा में पदस्थ आईपीएस अधिकारी आयुष जाखड़ को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद पार्टी ने उन्हें नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। मामला सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह भाजपा के लिए राजनीतिक संतुलन का बड़ा सवाल बन गया है।
दरअसल, प्रीतम लोधी पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं और उनका क्षेत्र लोधी वोट बैंक के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। शिवपुरी-गुना और ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ बुंदेलखंड की करीब 25 विधानसभा सीटों पर लोधी समाज निर्णायक भूमिका निभाता है। ऐसे में भाजपा के लिए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना आसान नहीं माना जा रहा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी अनुशासन बनाए रखने के लिए नोटिस देना जरूरी था, लेकिन आगे की कार्रवाई में भाजपा बेहद सतर्क रहेगी। वजह साफ है—किसी बड़े एक्शन से लोधी समाज की नाराजगी चुनावी समीकरण बिगाड़ सकती है।
पिछोर सीट भाजपा के लिए और भी ज्यादा संवेदनशील इसलिए है क्योंकि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने यहां 30 साल बाद जीत दर्ज की थी। इससे पहले यह सीट कांग्रेस के दिग्गज नेता केपी सिंह का मजबूत गढ़ मानी जाती थी। भाजपा ने चुनाव से पहले ही रणनीतिक तौर पर प्रीतम लोधी को मैदान में उतार दिया था, जिससे पूरा चुनावी समीकरण बदल गया।
इस फैसले का असर इतना बड़ा रहा कि केपी सिंह को अपनी पारंपरिक सीट छोड़कर शिवपुरी से चुनाव लड़ना पड़ा, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वहीं, प्रीतम लोधी ने पिछोर में कांग्रेस प्रत्याशी अरविंद लोधी को हराकर भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
यही वजह है कि भाजपा अब प्रीतम लोधी पर किसी कठोर फैसले से पहले कई बार सोच रही है। इससे पहले भी वे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर टिप्पणी कर विवादों में आ चुके हैं, लेकिन तब भी पार्टी ने नोटिस देकर मामला शांत कर दिया था।
अब एक बार फिर सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रीतम लोधी नोटिस का क्या जवाब देते हैं और भाजपा इस बार सिर्फ चेतावनी तक सीमित रहती है या कोई बड़ा फैसला लेती है। फिलहाल इतना तय है कि यह मामला सिर्फ अनुशासन का नहीं, बल्कि 25 विधानसभा सीटों के चुनावी गणित से भी जुड़ चुका है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रीतम लोधी से भोपाल में मुलाकात भी की है जिसके बाद प्रीतम लोधी कुछ बदले - बदले नजर आए।