Edited By Himansh sharma, Updated: 22 Apr, 2026 01:15 PM

मध्य प्रदेश के शिवपुरी की सियासत में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं।
शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी की सियासत में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। करैरा में थार गाड़ी से पांच लोगों को टक्कर मारने के मामले में बेटे दिनेश लोधी को बचाने के आरोपों के बीच अब मामला राजनीतिक और प्रशासनिक तूल पकड़ चुका है। बेटे से पूछताछ करने वाले करैरा एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ को खुले मंच से धमकी और अमर्यादित टिप्पणी करने पर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) एसोसिएशन भी मैदान में उतर आया है।
मामला 16 अप्रैल का है, जब विधायक पुत्र दिनेश लोधी ने करैरा थाने के सामने अपनी थार गाड़ी से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी। हादसे में बाइक सवार तीन मजदूर और दो महिलाएं घायल हो गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के बाद दिनेश ने रौब झाड़ते हुए कहा कि “हॉर्न और सायरन बजाया था, हटे क्यों नहीं?” पुलिस ने इस मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज किया।
19 अप्रैल को एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ ने पूछताछ के लिए दिनेश को थाने बुलाया। वह उसी थार गाड़ी से थाने पहुंचा, जिसमें काली फिल्म और हूटर लगा था। इस पर एसडीओपी ने उसे फटकार लगाई।
इसके अगले ही दिन यानी 20 अप्रैल को भाजपा विधायक प्रीतम लोधी भड़क गए। उन्होंने वीडियो जारी कर एसडीओपी पर हमला बोला और कहा—“करैरा तुम्हारे डैडी का नहीं है, मेरा बेटा यहां आएगा और चुनाव भी लड़ेगा।” इस दौरान उन्होंने कई अमर्यादित शब्दों का भी इस्तेमाल किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
अब इस बयान पर भारतीय पुलिस सेवा संघ ने कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष चंचल शेखर ने पत्र जारी कर कहा कि विधायक की टिप्पणियां न केवल एसडीओपी और उनके परिवार का अपमान हैं, बल्कि यह जनप्रतिनिधि के पद की गरिमा के भी खिलाफ है। इससे प्रशासनिक तंत्र और अधिकारियों के मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ता है। संघ ने विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं भाजपा संगठन ने भी इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। सूत्रों के मुताबिक, विधायक के बयान की रिपोर्ट दिल्ली भेज दी गई है। पार्टी ने उनके पुराने विवादित बयानों की जानकारी भी राष्ट्रीय नेतृत्व को दी है और आगे की कार्रवाई को लेकर मार्गदर्शन मांगा है। सिविल सर्विस डे के ठीक बाद सामने आए इस विवाद ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि भाजपा अपने विधायक पर क्या कार्रवाई करती है।