IPS अधिकारी के बंगले में गोबर भरने की बात कहने वाले BJP विधायक के बयान से हाईकमान नाराज, दिए ये बड़े निर्देश

Edited By Himansh sharma, Updated: 22 Apr, 2026 12:24 PM

bjp upset over mla pritam lodhi remark issues warning

शिवपुरी के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के एक बयान ने प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है।

भोपाल। शिवपुरी के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के एक बयान ने प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। पुलिस अधिकारी को खुले मंच से चेतावनी देने वाले उनके बयान पर अब भाजपा संगठन ने सख्त रुख अपना लिया है। पार्टी हाईकमान विधायक की बयानबाजी से नाराज बताया जा रहा है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी तलब की गई है। साथ ही प्रीतम लोधी को तत्काल सार्वजनिक बयानबाजी बंद करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा का मानना है कि विधायक के लगातार बयानों के कारण मामला अनावश्यक रूप से बढ़ा और विपक्ष को हमला बोलने का मौका मिला। इसी वजह से संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश नेतृत्व से रिपोर्ट मांगी है।

जानकारी के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस पूरे प्रकरण पर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की है। मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद पटेल को भी विधायक से बात कर उन्हें समझाइश देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई है।

दरअसल, विवाद की शुरुआत 16 अप्रैल को हुई जब विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने अपनी थार गाड़ी से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी। घटना के बाद विधायक ने सोशल मीडिया पर कहा था कि उनके लिए जनता सर्वोपरि है और कानून अपना काम करेगा। हालांकि, मामले ने नया मोड़ तब लिया जब करेरा एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ के सामने दिनेश की पेशी हुई।

बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान एसडीओपी ने दिनेश को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह आगे करेरा क्षेत्र में नजर न आए। इसी बात पर विधायक प्रीतम लोधी नाराज हो गए और सार्वजनिक मंच से पुलिस अधिकारी पर तीखी टिप्पणी कर दी।

विधायक ने कहा, “करेरा तुम्हारे डैडी का नहीं है, मेरा बेटा दिनेश करेरा जाएगा और वहीं से चुनाव भी लड़ेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि एक मामूली एक्सीडेंट को जरूरत से ज्यादा उछाला जा रहा है और पुलिस पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है।

इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई। विपक्ष ने भाजपा पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए, वहीं अब पार्टी संगठन भी डैमेज कंट्रोल में जुट गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भाजपा इस मामले पर अनुशासनात्मक कदम भी उठा सकती है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!