Edited By Himansh sharma, Updated: 03 Jun, 2026 04:46 PM

मध्य प्रदेश से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लोगों के साथ-साथ डॉक्टरों को भी चौंका दिया है।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लोगों के साथ-साथ डॉक्टरों को भी चौंका दिया है। आमतौर पर रेबीज का खतरा कुत्ते के काटने से जोड़ा जाता है, लेकिन इस बार एक पालतू बिल्ली के पंजा मारने के बाद 13 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे में रेबीज संक्रमण के गंभीर लक्षण पाए गए थे।
जानकारी के अनुसार, शिवपुरी जिले के करैरा निवासी 13 वर्षीय निर्मल को कुछ दिन पहले घर की पालतू बिल्ली ने खेल-खेल में पंजा मार दिया था। परिवार ने इसे मामूली घटना समझकर नजरअंदाज कर दिया और बच्चे को एंटी-रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
परिजनों ने बताया कि बच्चे के व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखाई देने लगे थे। वह घबराने लगा और उसकी स्थिति लगातार खराब होती चली गई। पहले उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने ग्वालियर रेफर कर दिया। गंभीर हालत में उसे गजरा राजा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कमलाराजा अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
डॉक्टरों के अनुसार बच्चे में हाइड्रोफोबिया यानी पानी से डर लगने जैसे लक्षण भी दिखाई दिए, जो रेबीज संक्रमण के गंभीर चरण का संकेत माने जाते हैं। अस्पताल के विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते एंटी-रेबीज वैक्सीन लग जाती तो स्थिति अलग हो सकती थी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि किसी भी जानवर के काटने, खरोंचने या पंजा मारने की घटना को हल्के में न लें। चाहे जानवर पालतू हो या आवारा, ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना और एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है।
डॉक्टरों ने बच्चे के संपर्क में आए परिवार के सदस्यों को भी एहतियात के तौर पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि रेबीज जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है।