वफादारी की मिसाल! मालिक की अर्थी निकलते ही पालतू डॉग ने भी छोड़ दी दुनिया, MP की घटना वायरल

Edited By Himansh sharma, Updated: 15 Jul, 2026 02:08 PM

loyal dog dies moments after owner s final journey in betul

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से इंसान और उसके पालतू के रिश्ते की ऐसी भावुक कहानी सामने आई है

बैतूल। (रामकिशोर पवार): मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से इंसान और उसके पालतू के रिश्ते की ऐसी भावुक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। गंज क्षेत्र के रहने वाले 67 वर्षीय चाय-पान व्यवसायी प्रदीप जैन का बीमारी के बाद रविवार को निधन हो गया। लेकिन उनकी अंतिम विदाई के दौरान जो हुआ, उसने पूरे शहर को भावुक कर दिया।प्रदीप जैन के साथ पिछले 15 वर्षों से रह रहा उनका पालतू डॉगी "डुग्गू" अपने मालिक के बिछड़ने का गम सहन नहीं कर सका। सोमवार को जैसे ही प्रदीप जैन की अंतिम यात्रा घर से निकली, कुछ ही देर बाद डुग्गू ने भी घर के अंदर अंतिम सांस ले ली। परिवार ने दोनों को एक ही दिन अंतिम विदाई दी।

परिजनों के अनुसार, रविवार रात जब प्रदीप जैन का पार्थिव शरीर भोपाल से उनके घर लाया गया, तभी से डुग्गू का व्यवहार बदल गया था। वह बार-बार अपने मालिक के पास पहुंचने की कोशिश करता रहा। घर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद होने के कारण उसे दूसरे कमरे में रखा गया, लेकिन पूरी रात वह बेचैन रहा और लगातार बाहर निकलने का प्रयास करता रहा।सोमवार सुबह अंतिम संस्कार की तैयारियों के दौरान परिवार के लोगों ने डुग्गू को उसके मालिक के पार्थिव शरीर के पास बैठाया। वह काफी देर तक बिना हिले-डुले प्रदीप जैन को एकटक देखता रहा। मानो वह अपने मालिक को आखिरी बार विदा कर रहा हो। इसके बाद वह चुपचाप घर के अंदर चला गया।

कुछ ही देर बाद जब प्रदीप जैन की अर्थी घर से रवाना हुई, उसी समय डुग्गू ने घर के एक कमरे में दो-तीन चक्कर लगाए और जमीन पर लेट गया। परिवार के सदस्य जब उसके पास पहुंचे तो उसकी सांसें थम चुकी थीं।

प्रदीप जैन के भाई दिलीप जैन ने बताया कि डुग्गू पिछले 15 वर्षों से परिवार का अभिन्न सदस्य था। वह रोज अपने मालिक का दुकान से लौटने का इंतजार करता था और अक्सर उनके साथ ही भोजन करता था। बेटे विवेक जैन ने बताया कि डुग्गू को केवल दो माह की उम्र में घर लाया गया था और तब से वह परिवार का हिस्सा बन गया था।

परिवार ने प्रदीप जैन के अंतिम संस्कार के साथ ही डुग्गू को भी सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी। गंज मोक्षधाम में जहां प्रदीप जैन का अंतिम संस्कार किया गया, वहीं पास में डुग्गू को पूरे सम्मान के साथ दफनाया गया।

यह घटना केवल एक पालतू जानवर की मृत्यु की कहानी नहीं, बल्कि उस निस्वार्थ प्रेम और वफादारी की मिसाल है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। बैतूल में मालिक और उसके वफादार साथी की यह आखिरी विदाई हर उस व्यक्ति को भावुक कर गई, जिसने इंसान और जानवर के बीच बने इस अनमोल रिश्ते को करीब से देखा।

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