Edited By Himansh sharma, Updated: 01 Aug, 2026 08:17 PM

मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियां अब निर्णायक चरण में पहुंच गई हैं।
भोपाल। मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियां अब निर्णायक चरण में पहुंच गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेशभर के जिलों में चुनावों के लिए संशोधित एवं अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया है। यह सूची भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद तैयार की गई अद्यतन मतदाता सूची के आधार पर बनाई गई है।आयोग का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिरहित बनाना है। इसी के तहत मतदाता सूची का व्यापक परीक्षण किया गया और ऐसे सभी नामों को हटाया गया, जो नियमों के अनुरूप पात्र नहीं पाए गए।
इन नामों को सूची से किया गया बाहर
संशोधित मतदाता सूची में विशेष अभियान के दौरान चिन्हित किए गए कई प्रकार के रिकॉर्ड हटाए गए हैं। इनमें वे मतदाता शामिल हैं जो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर निवास करने लगे हैं, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे तथा ऐसे मतदाता जिनका निधन हो चुका है। इससे सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने में मदद मिली है।
इसी सूची के आधार पर होंगे उपचुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, जिलों में प्रकाशित की गई यही अंतिम मतदाता सूची आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायतों के उपचुनावों का आधार बनेगी। प्रदेश के विभिन्न निकायों और पंचायतों में रिक्त पदों पर नवंबर-दिसंबर के दौरान उपचुनाव कराए जाने की तैयारी है।
निष्पक्ष चुनाव की दिशा में बड़ा कदम
निर्वाचन आयोग का मानना है कि अद्यतन मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। फर्जी, दोहरे और अपात्र नाम हटने से मतदान व्यवस्था अधिक विश्वसनीय बनेगी तथा वास्तविक मतदाताओं को अपने मताधिकार का उपयोग करने में सुविधा मिलेगी। अब आयोग आगामी चुनावी कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा की दिशा में आगे बढ़ रहा है..