बड़ी खुशखबरी! MP के 6 हजार संविदा कर्मचारी होंगे पक्के, इस विभाग ने जारी किए नियमितीकरण के निर्देश

Edited By Himansh sharma, Updated: 27 Jul, 2026 04:24 PM

mp energy dept starts regularization of 6 000 contract staff

मध्य प्रदेश के ऊर्जा विभाग ने वर्षों से नियमितीकरण की मांग कर रहे बिजली वितरण कंपनियों के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊर्जा विभाग ने वर्षों से नियमितीकरण की मांग कर रहे बिजली वितरण कंपनियों के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। विभाग ने लंबे समय से सेवाएं दे रहे करीब 6 हजार संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। इस निर्णय से प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को स्थायी सेवा का अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, ऊर्जा विभाग में विभिन्न श्रेणियों के करीब 10 हजार पद रिक्त हैं। इन्हीं खाली पदों पर चरणबद्ध तरीके से पात्र संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। इससे एक ओर कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी, वहीं दूसरी ओर बिजली कंपनियों में स्टाफ की कमी भी दूर हो सकेगी।

विभागीय परीक्षा होगी नियमितीकरण का आधार

नियमितीकरण के लिए ऊर्जा विभाग ने 100 अंकों की विभागीय परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस परीक्षा में सफल होने वाले कर्मचारियों को आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।परीक्षा के लिए न्यूनतम अर्हता अंक भी निर्धारित किए गए हैं। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थियों को कम से कम 40 अंक, जबकि सामान्य वर्ग के कर्मचारियों को 50 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

अनुभव का भी मिलेगा लाभ

विभाग ने केवल परीक्षा परिणाम पर ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के अनुभव को भी महत्व देने का फैसला किया है। जो कर्मचारी निर्धारित अर्हता अंक प्राप्त कर लेंगे, उन्हें उनके सेवा अनुभव के आधार पर अधिकतम 30 बोनस अंक दिए जाएंगे। इससे लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा और उनकी नियमित नियुक्ति की संभावना मजबूत होगी।

कंपनियों को दिए गए आवश्यक निर्देश

ऊर्जा विभाग ने सभी बिजली वितरण कंपनियों को विभागीय परीक्षा की रूपरेखा शीघ्र तैयार करने और नियमितीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा का कार्यक्रम और अन्य विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जा सकते हैं।

यदि यह प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है, तो प्रदेश के हजारों संविदा कर्मचारियों का वर्षों पुराना इंतजार समाप्त हो सकता है। साथ ही ऊर्जा विभाग को भी रिक्त पदों पर अनुभवी कर्मचारियों की उपलब्धता से कार्य व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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