Edited By meena, Updated: 24 Jul, 2026 03:16 PM

मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अब तक का सबसे बड़ा 20 हजार करोड़ रुपये का बाजार ऋण जुटाने हेतु 22 वर्ष अवधि के बांड जारी किए हैं...
भोपाल : मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अब तक का सबसे बड़ा 20 हजार करोड़ रुपये का बाजार ऋण जुटाने हेतु 22 वर्ष अवधि के बांड जारी किए हैं। इसके साथ ही सरकार ने 4400 करोड़ रुपये के तीन अन्य ऋण भी अलग-अलग अवधियों के लिए लिए हैं।
वित्त विभाग के अनुसार 20 हजार करोड़ रुपये के बांड के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मुंबई कार्यालय में ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के माध्यम से नीलामी आयोजित की गई। इस बांड पर निवेशकों को 7.83 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलेगा। ब्याज का भुगतान प्रत्येक वर्ष 29 अप्रैल और 29 अक्टूबर को किया जाएगा। निवेश के लिए न्यूनतम राशि 10 हजार रुपये तथा उसके बाद 10 हजार रुपये के गुणकों में निवेश की व्यवस्था की गई है।
सरकार ने इसके अतिरिक्त तीन अलग-अलग किश्तों में 1000 करोड़ रुपये का आठ वर्ष अवधि का, 1400 करोड़ रुपये का 12 वर्ष अवधि का तथा 2000 करोड़ रुपये का 22 वर्ष अवधि का ऋण भी जुटाया है। इन तीनों ऋणों की कुल राशि 4400 करोड़ रुपये है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2026 तक राज्य सरकार पर कुल 4,88,714.17 करोड़ रुपये का ऋण था, जिसमें बाजार ऋण, केंद्र सरकार से प्राप्त ऋण, वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण तथा अन्य देनदारियां शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले सरकार चालू वित्त वर्ष में 3600 करोड़ रुपये सहित कुल 17,400 करोड़ रुपये का ऋण बाजार से जुटा चुकी थी। नए 24,400 करोड़ रुपये के ऋण के बाद चालू वित्त वर्ष में बाजार से जुटाए गए कुल ऋण का आंकड़ा 41,800 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।