Edited By Himansh sharma, Updated: 01 Jun, 2026 10:09 PM

वरिष्ठ विधायक पन्नालाल शाक्य द्वारा अपनी ही सरकार के ऊर्जा व जिला प्रभारी मंत्री के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
गुना (मिसबाह नूर): मध्य प्रदेश के गुण में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक पन्नालाल शाक्य द्वारा अपनी ही सरकार के ऊर्जा व जिला प्रभारी मंत्री के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस अनुशासनात्मक विषय को गंभीरता से लेते हुए भाजपा के गुना जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को भेज दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रदेश संगठन इस पर क्या रुख अपनाता है।
मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार ने कहा कि मीडिया के माध्यम से उन्हें विधायक की बयानबाजी की जानकारी मिली है। किसी भी जनप्रतिनिधि या कार्यकर्ता के बारे में इस तरह की व्यक्तिगत और सार्वजनिक टिप्पणी करना पूरी तरह से अनुचित और निंदनीय है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी अनुशासनप्रियता के लिए जाना जाता है और हम सभी पार्टी के सिपाही हैं।
सिकरवार ने आगे कहा कि भाजपा में अपनी बात रखने के लिए एक तय और उचित माध्यम है। यदि विधायक जी को कोई बात रखनी थी, तो उन्हें संगठन के मंच का उपयोग करना चाहिए था। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल स्वयं सभी कार्यकतार्ओं और नेताओं की बात सुनते हैं और उसका निराकरण करते हैं। चूंकि मामला बेहद गंभीर है, इसलिए पूरी रिपोर्ट प्रदेश संगठन के संज्ञान में भेज दी गई है, जहाँ से आगामी निर्णय लिया जाएगा।
बता दें कि 30 मई को गुना विधायक पन्नालाल शाक्य बिजली कंपनी के दफ्तर पहुंचे थे। उन्होंने शहर में हो रही बेतहाशा कटौती पर नाराजगी जाहिर करते हुए ऊर्जा मंत्री प्रदुम्न सिंह को नाकारा बता दिया था। प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को भी खरी-खोटी सुनाई थी।
इस मामले में गुना जिले के चांचौड़ा से ही भाजपा की पूर्व विधायक और वर्तमान में आम आदमी पार्टी की नेता ममता मीना ने गुना विधायक पन्नालाल शाक्य की बात का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पन्नालाल शाक्य ने सभी के हित की आवाज उठाई है। चांचौड़ा क्षेत्र में भी बिजली व्यवस्था ध्वस्त है। कई बार मेंटीनेंस के नाम बिजली गुल हो रही है, लोग गर्मी से बेहाल हैं। ममता मीना ने कंपनी द्वारा सालभर किए गए मेंटेनेंस पर भी सवाल उठाए हैं। सत्ताधारी दल के विधायक को आमजन की बात उठाने के लिए सार्वजनिक रूप से दर्द बयां करना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भाजपा में लंबे समय तक रह चुकी हैं। 10 मई को गुना में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान विधायक को पर्याप्त सम्मान नहीं मिलने का आरोप भी ममता मीना ने बताया। मीना ने नई और पुरानी भाजपा के बीच मतभेद होने का दावा किया है।