Edited By meena, Updated: 21 Apr, 2026 08:22 PM

मध्य प्रदेश में एक बार फिर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इस बार चर्चा का केंद्र पुलिस महकमा है, जहां बड़े स्तर पर आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की तैयारी लगभग अंतिम चरण में मानी जा रही है
भोपाल : मध्य प्रदेश में एक बार फिर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इस बार चर्चा का केंद्र पुलिस महकमा है, जहां बड़े स्तर पर आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की तैयारी लगभग अंतिम चरण में मानी जा रही है। अगर यह सूची जारी होती है, तो राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 25 आईपीएस अधिकारियों के तबादले प्रस्तावित हैं। इनमें 19 से 20 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) के बदलने की संभावना जताई जा रही है।
यह फेरबदल सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से कहीं अधिक बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि इतने व्यापक स्तर पर बदलाव कम ही देखने को मिलते हैं। इससे साफ है कि सरकार पुलिस व्यवस्था को नए सिरे से संतुलित करना चाहती है।
प्रदर्शन और शिकायतें बनी वजह
सूत्रों की मानें तो कई जिलों में एसपी के कार्य प्रदर्शन को लेकर असंतोष सामने आया था। इसके अलावा कुछ अधिकारियों के खिलाफ संगठन स्तर पर लगातार शिकायतें भी मिल रही थीं। ऐसे में यह फेरबदल केवल रूटीन ट्रांसफर नहीं बल्कि “परफॉर्मेंस आधारित रिव्यू” का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को हटाकर नए अधिकारियों को मौका दिया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार शाजापुर, शिवपुरी, डिंडौरी, मंडला, छतरपुर, बुरहानपुर, निवाड़ी और नीमच जैसे जिलों में एसपी बदलना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े जिलों में भी बदलाव की चर्चा है, हालांकि यहां अंतिम निर्णय अभी बाकी बताया जा रहा है। कई अधिकारियों के प्रमोशन के कारण भी पद खाली हो रहे हैं। इनमें मनोज राय, राहुल लोढ़ा, सिमाला प्रसाद, असित यादव और मयंक अवस्थी जैसे अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा शैलेंद्र सिंह चौहान, विवेक सिंह और कुमार प्रतीक के प्रमोशन के बाद भी नई नियुक्तियां जरूरी हो गई हैं।
क्या होगा असर?
यह संभावित फेरबदल केवल पदों का बदलाव नहीं होगा, बल्कि इसका सीधा असर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक कार्यशैली पर पड़ेगा। नए अधिकारियों के आने से कई जिलों में कार्यप्रणाली में बदलाव और नई रणनीतियों के लागू होने की उम्मीद है। फिलहाल आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है, लेकिन संकेत साफ हैं आने वाले दिनों में भोपाल से एक बड़ी प्रशासनिक घोषणा हो सकती है, जिस पर पूरे राज्य की नजर टिकी हुई है।